बीते 15 फ़रवरी को पंजाब के संगरूर ज़िले से एक बेहद दर्दनाक घटना घटी थी. जहां एक स्कूल वैन में आग लगने से 4 मासूम बच्चों की जान चली गई थी.

NDTV की ख़बर अनुसार, 12 बच्चों को स्कूल ले जा रही वैन में गैस लीक होने से अचानक आग लग गई. इस हादसे में 8 बच्चों की जान तो बच गई, लेकिन बदक़िस्मती से 4 बच्चों की जलकर मौके पर ही मौत हो गयी थी.

बताया जा रहा है वैन को स्कूल का ही एक टीचर दलबीर सिंह चला रहा था. वैन के पीछे एक एलपीजी सिलिंडर भी रखा हुआ था. करीब 22 साल पुरानी इस वैन को दलबीर ने एक कबाड़ी से ख़रीदा था.

इस हादसे पर संगरूर के डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी का कहना है कि पुलिस ने वैन चालक, स्कूल प्रिंसिपल और प्रबंधन के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 304 के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है'.

बिज़नेस स्टेंडर्ड के मुताबिक़, इस वैन में सवार 14 वर्षीय अमनदीप कौर न सिर्फ़ अपनी जान बचाने सफ़ल रही बल्कि उसने जलती हुई वैन से अन्य 4 बच्चों की जान भी बचाई.

अमनदीप की इस बहादुरी के लिए डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह से बहादुरी पुरस्कार के लिए अमनदीप के नाम की सिफ़ारिश भी की है.

द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में अमनदीप ने कहा 'जैसे ही वैन स्टार्ट हुई, मैंने सर (दलबीर सिंह) से कहा था कि वैन से किसी तरह की दुर्गन्ध आ रही है. लेकिन वो वैन चलाते रहे. मैंने फिर से बोला कि महक बढ़ रही है, मगर उन्होंने इधर-उधर देखना शुरू कर दिया. बाद में जब आग दिखाई दी और हमें वैन की खिड़कियों को तोड़कर बाहर आना पड़ा'.

इस दौरान मैं एक खिड़की तोड़कर बाहर निकल पाई. फिर मैंने 4 बच्चों को बाहर आने में भी मदद की. कुछ और लोग भी थे जो मदद करने पहुंचे. मैं उन 4 बच्चों के साथ स्कूल की इमारत की ओर भागी जो रो रहे थे.

इस हादसे के बाद पंजाब पुलिस के साथ ही नागरिक प्रशासन के अधिकारियों ने भी राज्य भर के 950 स्कूल वैन और बसों की जांच की है. उनमें से 270 का चालान किया गया है जबकि 120 सुरक्षा चिंताओं के कारण जब्त कर ली गईं हैं.