महाराष्ट्र के औरंगाबाद में ट्रेन से कटकर 17 प्रवासी मज़दूरों की मौत हो गई है. ये हादसा शुक्रवार सुबह 5:22 बजे के क़रीब औरंगाबाद-जालना रेलवे लाइन पर एक खाली मालगाड़ी से हुआ है. रेल मंत्री पियूष गोयल ने घटना के जांच के आदेश दे दिए हैं. 

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मध्यप्रदेश के शहडोल के रहने वाले ये सभी मज़दूर महाराष्ट्र के जलगांव की एक आयरन फ़ैक्ट्री में काम करते थे. ये लोग औरंगाबाद से मध्यप्रदेश के लिए निकली स्पेशल ट्रेन पकड़ना चाहते थे. इन सभी लोगों को उम्मीद थी कि वो भुसावल जाकर ट्रेन पकड़ लेंगे. 

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बताया जा रहा है कि क़रीब 45 किलोमीटर तक पैदल चलने के बाद ये सभी मज़दूर थक कर रेलवे ट्रैक पर ही आराम करने लगे. थकान की वजह से अधिकतर लोगों को नींद आ गई और वो ट्रैक पर ही सो गए. इसी दौरान वहां से गुजर रही एक मालगाड़ी के चपेट में आकर 17 लोगों की मौत हो गई. 

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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मृतकों के परिवार वालों को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है. 

औरंगाबाद के एसपी मोक्षदा पाटिल ने बताया कि, मारे गए सभी मज़दूर भुसावन से स्पेशल ट्रेन के ज़रिए मध्य प्रदेश लौटना चाहते थे. ये सभी लोग मध्य प्रदेश के शहडोल के रहने वाले थे. 

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इस दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख व्यक्त करते हुए ट्वीट किया कि ‘महाराष्ट्र के औरंगाबाद में रेल हादसे में मारे गए लोगों को लेकर बेहद दुखी हूं. रेल मंत्री पीयूष गोयल से बात की है, वो स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं. हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है.’ 

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने किया ट्वीट कर जानकारी दी कि ‘आज सुबह 5:22 बजे नांदेड़ डिवीजन के बदनापुर व करमाड स्टेशन के बीच सो रहे श्रमिकों के मालगाड़ी के नीचे आने का दुःखद समाचार मिला. राहत कार्य जारी है और इस पूरी घटना के जांच के आदेश दे दिए गए हैं. दिवंगत आत्माओं की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना करता हूं.’