छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सली हमले में 17 जवान शहीद हो गये और 14 घायल हो गये हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक़ ये नक्सली हमला बीते शनिवार को हुआ.


India Today की रिपोर्ट के अनुसार, 17 जवानों का शव बीते रविवार को बरामद किया गया. नक्सलियों के साथ मुठभेड़ के बाद 17 जवानों का पता नहीं चल रहा था.

News18 की रिपोर्ट के मुताबिक़, नक्सल और सेना के जवानों के बीच बड़ी मुठभेड़ के बाद 17 जवान लापता हो गये थे. 150 लोगों के खोजी दल ने जवानों के शव चिंतागुफ़ा के जंगलों से बरामद किये जहां बीते शनिवार मुठभेड़ हुई थी.

Source: Web Dunia

Livemint की रिपोर्ट के अनुसार, मुठभेड़ ख़त्म होने के बाद जब जवान वापस लौट रहे थे तब घात लगाए नक्सलियों ने उन पर हमला किया.


PTI से बातचीत में बस्तर रैंज के इंस्पेक्टर जनरल, सुंदरराज पी ने बताया,
'खोजी दल ने जंगलों से 17 जवानों के शव बरामद किए.'

आईजी ने ये भी बताया कि एसटीएफ़, डीआरजी और सीआरपीएफ़ की कोबरा टीम के लगभग 600 जवानों पर घात लगाये 250 नक्सलियों ने हमला किया.

डीआरजी, एसटीएफ़, कोबरा के जवानों का जॉइंट ऑपरेशन था. हमारा अनुमान है कि जवानों पर 250 नक्सलियों ने गोलीबारी की.

- सुंदरराज पी

Source: Dastak Times

ये मुठभेड़ 3 घंटों तक चली. News18 की रिपोर्ट के अनुसार, नक्सलियों ने शहीद जवानों से 15 हथियार- 12 एके-47 असॉल्ट राइफ़, 1 अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर, 1 INSAS राइफ़ल, 1 Excalibur राइफ़ल बरामद किए गए.


सूत्रों के मुताबिक़, इंटेलिजेंस के ज़रिए सूचना मिलने के बाद जवानों को Combing Operation के लिए भेजा गया था. सूचना मिली थी कि कई राज्यों से आये नक्सलियों की मीटिंग होने वाली है.

Source: Dainik Bhaskar

Prima Facie के आधार पर ये कहा जा रहा है कि नक्सलियों को जवानों के आने की ख़बर मिल गई थी.


बीते शनिवार की घटना 2017 अप्रैल के बाद से सबसे बड़ी घटना है. अप्रैल 2017 में बस्तर में 25 सीआरपीएफ़ जवान शहीद हो गये थे.