गुरुवार को जामिया यूनिवर्सिटी के पास सीएए का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी छात्रों पर फ़ायरिंग करने वाला आरोपी रामभक्त गोपाल 12वीं का छात्र है. 17 वर्षीय गोपाल घर से ये बोलकर निकला था कि वो स्कूल जा रहा है.

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पिता चलाते हैं परचून की दुकान

यूपी के जेवर का रहने वाला नाबालिक गोपाल बेहद सामान्य परिवार से आता है. उसके पिता परचून की दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं. हाई स्कूल की मार्कशीट व आधार कार्ड के अनुसार गोपाल नाबालिग है.

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पिता का कहना है कि बेटा गुरुवार सुबह स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वो दिल्ली कैसे पहुंच गया नहीं मालूम. उनके घर में किसी के भी पास हथियार नहीं है. बावजूद इसके गोपाल तमंचा कहां से लाया, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है.

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गोपाल 15 दिनों से मानसिक तनाव में था

आरोपी गोपाल के पिता ने दावा किया कि वो पिछले 15 दिन से मानसिक रूप से परेशान था. वो कभी 'जय श्रीराम' के नारे लगाने लगता था, तो कभी अलग तरह की हरकतें करने लगता था. इसलिए उन्होंने गांव के ही एक निजी चिकित्सक से भी सलाह ली थी, जहां चिकित्सकों ने उसे किसी अच्छे अस्पताल में इलाज कराने को कहा था.

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गोपाल के फ़ेसबुक पेज से आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि वो किस तरह से इतनी कम उम्र में ही ग़लत संगत में पड़ गया था. उसकी प्रोफ़ाइल फ़ोटो में उसके साथ दीपक शर्मा नज़र आ रहा है. दीपक शर्मा वही शख़्स है जो अक्सर सोशल मीडिया पर भड़काऊ बयान वाले वीडियोज़ शेयर करते रहता है. वहीं गोपाल कवर फ़ोटो में एक तलवार को चूमता दिख रहा है.

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नाबालिग छात्र के फ़ेसबुक दोस्तों की मानें तो वो पिछले कुछ समय से आपत्तिजनक पोस्ट भी डाल रहा था. आरोपी गोपाल के फ़ेसबुक पेज से उत्तर प्रदेश में तिरंगा यात्रा के दौरान हुई चंदन गुप्ता की मौत का बदला लेने संबंधी पोस्ट भी मिली हैं. हालांकि, हमले के बाद किसी ने आरोपी के फ़ेसबुक अकाउंट को डिलीट कर दिया था.

जामिया घटना को अंजाम देने से पहले पहले गोपाल 5 बार फ़ेसबुक पर लाइव भी रहा. लाइव से पहले उसने अपने फ़ेसबुक पेज पर कई भड़काऊ वीडियो और पोस्ट भी लिखी थीं.

फ़ायरिंग के दौरान आरोपी गोपाल 'आजादी दे रहा हूं', 'शाहीन बाग़ का खेल ख़त्म', 'मेरी अंतिम यात्रा पर मुझे भगवा में ले जाएं और जय श्रीराम के नारे हों' जैसी बातें कहता हुआ सुनाई दे रहा है.