असम के जोरहाट मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (जेएमसीएच) से झकझोर देने वाली ख़बर मिली है. पिछले 9 दिनों(1 से 9 नवंबर के बीच) में इस अस्पताल में 18 शिशुओं ने दम तोड़ा है.

अधिकारियों को अभी तक शिशुओं की मृत्यु का कारण पता नहीं चला है.

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NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ बच्चे Congenital बीमारियों से पीड़ित थे और कुछ बच्चे काफ़ी कम वज़न के थे.

AIR के अनुसार, Director of Medical Education के अगुवाई में एक टीम ने जोरहाट मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का शनिवार को दौरा किया.

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक असम स्वास्थ्य मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा,

एक टीम को जोरहाट भेज दिया गया है. टीम में एक UNICEF का सदस्य भी है.

जेएससीएच में औसतन 40 शिशु भर्ती होते हैं और 6 कि मृत्यु हो जाती है. पिछले सप्ताह यहां 84 शिशु भर्ती किए गए और 18 की मौत हो गई.

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जेएमसीएच के सुपरिटेंडेंट सौरव बोरकाकोटी के मुताबिक नवजातों के लिए बनाए गए स्पेश्ल केयर यूनिट में शिशुओं की मृत्यु हुई. मेडिकल लापरवाही की बातों को उन्होंने नकारा है.

सौरव ने कहा,

कभी-कभी मरीज़ों की संख्या काफ़ी बढ़ जाती है. कुछ मरीज़ Prolonged Labor जैसी समस्या के साथ भी आते हैं. कई कारण हैं जो शिशुओं की मौत के लिए ज़िम्मेदार हो सकते हैं.

सौरव ने ये भी बताया कि जबसे अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में तबदील किया गया है, आने वाले मरीज़ों की संख्या काफ़ी बढ़ गई है.

अस्पताल ने भी पूरे मामले की जांच के लिए 6 सदस्यों की टीम बनाई है.

असम में शिशु मृत्य दर और मातृ मृत्यु दर बहुत ज़्यादा है. इस मामले से जुड़ी अन्य ख़बर मिलते ही हम आपको सूचित करेंगे.

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