मज़दूरों का अपने घरों को जाने का सिलसिला और उनके साथ हादसों का सिलसिला जारी है. रोज़ मज़दूरों के साथ दुर्घटनाओं की ख़बरें आ रही हैं. सरकार और ग़ैर-सरकारी संस्थाओं की तमाम कोशिशों के बावजूद मज़दूरों की हालात दयनीय ही है. 

श्रमिक स्पेशल से घर जाने की आशा के साथ बांद्रा स्टेशन पर उमड़ी मज़दूरों की भीड़ 

मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह को प्रवासी मज़दूरों की भारी भीड़ उमड़ी. ये लोग बिहार के लिए चल रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन द्वारा घर पहुंचने की आशा के साथ पहुंचे थे. जिन लोगों ने रेजिस्ट्रेशन करवाया था सिर्फ़ उन्हें ट्रेन में चढ़ने की आज्ञा दी गई. 

महाराष्ट्र उत्तर प्रदेश और बिहार में अलग-अलग घटनाओं में मारे गये 18 मज़दूर 

एक रिपोर्ट के अनुसार बीते 24 घंटों में अलग-अलग घटनाओं में महाराष्ट्र और बिहार में 18 मज़दूर मारे गये.

मंगलवार सुबह को महाराष्ट्र के यवतमाल में एक बस दुर्घटना में 4 मज़दूरों की मृत्यु हो गई और 15 घायल हो गये. 
बिहार के भागलपुर में ट्रक और बस दुर्घटना में 9 मज़दूरों की जान चली गई.
उत्तर प्रदेश में बीते सोमवार रात को अलग-अलग जगहों पर हाईवे दुर्गटनाओं में 3 महिलाओं समेत 5 मज़दूरों की जान चली गई. 

अहमदाबाद बस स्टॉप पर मिली लाश 

Source: Indian Express

बीते 15 मई को अहमदाबाद के एक बस स्टैंड पर कोविड-19 पॉज़िटिव शख़्स की लाश मिली. 67 वर्षीय मरीज़ को 10 मई को अहमदाबाद सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया था.

67 वर्षीय छगन मकवाना की लाश मिली, उनके परिवार ने अस्पताल स्टाफ़ और फिर पुलिस पर समय पर ख़बर न देने का इल्ज़ाम लगाया. 
गुजरात मुख्यमंत्री, विजय रुपाणी ने मामले की जांचकर 24 घंटे में रिपोर्ट जमा करने की मांग की है.