देश के पहले हैप्पिनेस इंडेक्स की रिपोर्ट आ गई है. इसे आईआईएम और आईआईटी में प्रोफ़ेसर रहे राजेश पिलानिया ने तैयारी किया है. ये देश के प्रमुख प्रबंधन रणनीति विशेषज्ञों में से एक हैं. उनके अनुसार मिज़ोरम और पंजाब में रहने वाले लोग सबसे ज़्यादा ख़ुशहाल हैं. 

देश में पहली बार हुए हैपीनेस सर्वे में सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया था. ये सर्वे मार्च 2020 से जुलाई 2020 के बीच किया गया था. इसमें देशभर के 16,950 लोगों ने हिस्सा लिया. 

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इसके अनुसार मिज़ोरम, पंजाब, अंडमान निकोबार में रहने वाले लोग सबसे अधिक ख़ुश हैं. वहीं इस मामले में हरियाणा, ओडिशा और छत्तीसगढ़ सबसे निचले पायदान पर हैं. ये रही पूरी लिस्ट: 

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ये रिसर्च इन 6 पैरामीटर्स के आधार पर की गई है: 

1. काम संबंधी मुद्दे जैसे आय और ग्रोथ 

2. पारिवारिक संबंध और दोस्ती 
3. शारीरिक और मानसिक सेहत 
4. सामाजिक मुद्दे और परोपकार 
5. धर्म या आध्यात्मिक जुड़ाव 
6. कोविड-19 का ख़ुशी पर असर

इसके मुताबिक, वैवाहिक स्थिति, आयु वर्ग, शिक्षा और कमाई का सकारात्मक रूप से ख़ुशी से सीधा संबंध है. जो लोग पैसे की जगह समय को ज़्यादा महत्व देते हैं, वे अधिक खु़श रहते हैं. 

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इस बारे में बात करते हुए प्रोफ़ेसर राजेश पिलानिया ने कहा- ‘खु़शी एक व्यक्तिपरक अवधारणा है और रैंकिंग में अंतर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ख़ुशी के घटकों में अंतर के कारण होता है.’ 

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इस रिसर्च के अनुसार दयालु और धैर्यवान लोग सबसे खु़शहाल और संपन्न होते हैं. इसमें भविष्य की हैप्पीनेस रैंकिंग भी बनाई गई है, जिसमें मणिपुर ने बाज़ी मारी है. इसके मुताबिक, देश के नागरिक भविष्य को लेकर आशावादी हैं और अगले 5 साल में मौजूदा स्थिति की तुलना में खु़द को अधिक खु़श और संपन्न देख रहे हैं.