तेलंगाना से एक हिला देने वाली ख़बर सामने आ रही है. जब से तेलंगाना में इंटरमीडिएट के परिणाम की घोषणा हुई है, परीक्षा में फेल कुल 20 छात्रों ने ख़ुदकुशी कर ली है.

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मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने मामले की गंभीरता को समझते हुए अधिकारियों को आदेश दिया कि परीक्षा कॉपी की दोबारा जांच के लिए किसी प्रकार की फ़ीस नहीं ली जाएगी. आमतौर पर स्टेट बोर्ड के नियमानुसार प्रत्येक कॉपी की रीचेकिंग के लिए 600 रुपये वसूले जाते थे.

साथ ही साथ मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ये भी कहा कि वो एक सप्लिमेंट्री परीक्षा आयोजित करें, ताकि फेल हुए बच्चों का एक साल बर्बाद न हो पाए.

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तेलंगाना में छात्र संघ और अभिभावकों ने राज्य सरकार के सामने मुफ़्त में कॉपी जांच करने की मांग रखी थी.

राव ने शिक्षा सचिव, जनारधन रेड्डी को ख़ास तौर पर कहा कि वो उन एजेंसियों को हिदायत दें कि उनसे परीक्षा के परिणामों में कोई गड़बड़ी न हो.

छात्रों की हौसला अफ़ज़ाई के लिए मुख्यमंत्री ने कहा, 'इंटरमीडिएट की पढ़ाई ज़िंदगी नहीं है. परीक्षा में फेल होना ज़िंदगी में फेल होना नहीं होता. जीवन नायाब है.'

तेलंगाना में हुए इंटरमीडिएट की परिक्षा में कुल 9.74 लाख छात्र बैठे थे, उनमें से 3.28 लाख छात्र फेल हो गए.