‘उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया है. ये उनका कर्त्तव्य(ड्यूटी) का हिस्सा था, जिसके लिए उन्हें कड़ी ट्रेनिंग दी गई थी. लेकिन मैं उनकी पत्नी के बारे में सोच कर दुखी हूं, जिनकी शादी 3-4 महीने पहले हुई थी. शायद वो लोगों की जान बचाने के लिए ही बना था.’

ये बोल एक पिता और रिटायर्ड ब्रिगेडियर चंद्रकांत सूद के हैं, जिन्होंने शनिवार को जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में आतंकवादियों के साथ हुए एंकाउंटर में अपने बेटे को खोया है. इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों के 5 जवान शहीद हो गए थे, जिनमें शहीद मेजर अनुज सूद भी शामिल थें. रिटायर्ड ब्रिगेडियर चंद्रकांत सूद ने बेटे की शहादत पर ये बयान दिया है.

Army Men Martyred In Handwara Encounter.
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ग़ौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा ज़िले में शनिवार रात को आतंकवादियों के एक घर में छुपे होने की ख़बर मिली थी. जब सुरक्षाबलों की एक टीम ने उन पर हमला किया तो उन्होंने कुछ आम नागरिकों को बंधक बना लिया. इसके बाद सुरक्षा कर्मियों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई. इसमें 2 आतंकी ढेर हो गए और हमारे 5 जवान शहीद.

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कई घंटों तक चली इस मुठभेड़ में सुरक्षाबल सभी नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने में कामयाब रहे. हंदवाड़ा मुठभेड़ में मारा गया एक आतंकवादी पाकिस्तान का लश्कर-ए-तैयबा कमांडर हैदर था. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस बात की जानकारी दी है. शहीद हुए 5 जवान हैं कर्नल आशुतोष शर्मा, मेजर अनुज सूद, नायक राजेश कुमार, लांस नायक दिनेश सिंह और सब इंस्पेक्टर सगीर काजी(जम्मू कश्मीर पुलिस).

Army Men Martyred In Handwara Encounter.
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शहीद कर्नल आशुतोष शर्मा 21 राष्ट्रीय राइफ़ल्स के कमांडिंग ऑफ़िसर थे. उन्होंने ही इस ऑपरेशन को लीड किया था. वो यूपी के बुलंदशहर के रहने वाले थे.

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नायक राजेश कुमार पंजाब के मानसा ज़िले के रहने वाले थे. सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उनके परिवार को 10 लाख रुपये और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है.

लांस नायक दिनेश सिंह उत्तराखंड के अल्मोड़ा के रहने वाले थे. उनकी शहादत पर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए नमन किया है.

मेजर अनुज सूद हिमाचल प्रदेश के रहने वाले थे. उनके पिता भी फ़ौज में थे. वो एक रिटायर्ड ब्रिगेडियर हैं.

सगीर काजी जम्मू-कश्मीर पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे. उन्होंने साल 1999 में पुलिस फ़ोर्स जाइन की थी.

जम्मू-कश्मीर के आईजी विजय कुमार ने सभी शहीदों को अंतिम सलामी देकर उनके शवों को उनके घर के लिए रवाना कर दिया है. जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

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