कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन ने प्रवासी मज़दूरों को अपने घर-गांव लौटने पर मजबूर कर दिया है. हज़ारों-हज़ार की तादाद में मज़दूर पलायन कर रहे हैं. ऐसे में राज्यों पर दबाव बढ़ गया है. एक तरफ़ उनके आगे इन प्रवासी मज़दूरों को वापस घर पहुंचाने की चुनौती है. वहीं, दूसरी ओर इन श्रमिकों के कोरोना पॉज़िटिव होने खतरा है. उत्तर प्रदेश इस वक़्त इन दोनों ही चुनौतियों का सामना कर रहा है. दरअसल, यूपी के बस्ती जिले में वापस पहुंचे 50 प्रवासी श्रमिक कोरोना पॉज़िटिव पाए गए हैं. जिसके बाद जिले में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 104 हो गई है. वहीं, 28 मरीज़ ठीक हुए हैं.

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डीएम आशुतोष निरंजन ने बताया कि, ‘पॉज़िटिव पाए गए लोगों में सभी प्रवासी मज़दूर हैं, जो हाल ही में बस्ती वापस लौटे हैं.’

उन्होंने आगे कहा, ‘लोगों को घबराने की ज़रूरत नहीं है. ज़्यादा संक्रमित मरीज़ मिलने का मतलब है कि बड़ी संख्या में टेस्टिंग की जा रही है और बस्ती में कोरोना वायरस कैरियर की पहचान के लिए सावधानीपूर्वक ट्रेसिंग की जा रही है. उनकी समय पर पहचान निश्चित रूप से जिले में कोरोना वायरस संचरण की श्रृंखला को तोड़ने में हमारी मदद कर रही है.’

ये सभी मज़दूर पिछले हफ़्ते ही महाराष्ट्र से बस्ती वापस लौटे थे. डीएम आशुतोष निरंजन ने मंगलवार को बताया कि सभी प्रवासियों को क्वारेंटाइन सेंटरों पर रखा गया था और उनके नमूने जांच के लिए भेजे गए थे. जिला प्रशासन उन लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रहा है, जो इन प्रवासी मज़दूरों के संपर्क में आए थे.

प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि राज्य में लौटने वाले प्रवासी मज़दूर में बड़ी संख्या में कोरोना के लक्षण नज़र आए हैं.

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उन्होंने कहा, ‘राज्य में लौटने वाले प्रवासी श्रमिकों में संक्रमण के मामलों की एक बड़ी संख्या देखी जा रही है. जिलों में बने शेल्टर होम्स में इनकी स्क्रीनिंग की जा रही है. यदि उनमें कोई लक्षण नज़र नहीं आते हैं, तो उन्हें 21 दिन होम क्वारंटीन में भेजा जाता है. अगर उनमें किसी प्रकार के लक्षण दिखते हैं, तो उनकी जांच की जाती है.’

उन्होंने आगे कहा, ‘गांव और मोहल्ला और निगरानी समितियों के लिए संक्रमण को फैलने से रोकना बेहद ज़रूरी है. उन्हें ये सुनिश्चित करना चाहिए कि बाहर से जो भी आए, वो होम क्वारंटीन में रहे, तब ही हम ट्रांसमिशन को कंट्रोल कर पाएंगे. यूपी लौटने वाले प्रवासियों के बीच पॉज़टिव रेट 22.2 फ़ीसदी है, जबकि राज्य की कुल दर 2.6 प्रतिशत है.’

बता दें, यूपी में अब तक 4 हज़ार से ज़्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 112 मरीज़ों की मौत हुई है.