कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में उथल-पुथल मचा दी है. लोग इससे बचने के लिए ख़ुद को घरों में कै़द करने को मजबूर हो गए हैं. कुछ सेल्फ़ आइसोलेशन में हैं, तो कुछ लॉकडाउन के चलते घर में बंद हैं. बुज़ुर्गों की लाइफ़ पर इसका सबसे बुरा असर पड़ा है. हालात ऐसे हो गए हैं वो अपने पोते-पोतियों से न तो मिल पा रहे हैं और न ही उनके संग खेल पा रहे हैं.

सोशल मीडिया पर पांच साल की बच्ची का एक लेटर वायरल हो रहा है. इस बच्ची ने पत्र अपने पड़ोस में रहने वाले दादाजी को लिखा है. इसमें उसने उनकी ख़ैरियत के बारे में पूछा है और अपना ख़्याल रखने की बात की है.

Source: centreforequalities

ये दादाजी उनके पड़ोस में रहते हैं और उनकी उम्र 93 साल है. इन्होंने ख़ुद को कोरोना महामारी से बचाने के लिए सेल्फ़ आइसोलेशन में रखा है. बच्ची का ये लेटर पाकर वो भाव-विभोर हो गए और उन्होंने इसका जवाब भी दिया है. ट्विटर पर एक यूज़र ने इन दोनों ही लेटर्स को शेयर करते हुए लिखा- 'इन्हें पढ़िए आपके चेहरे पर स्माइल न आ जाए तो कहना.'

उनकी इस पोस्ट पर लोगों के धड़ल्ले से रिप्लाई आ रहे हैं. कुछ इसे पढ़कर इमोशनल हो गए, तो कुछ को इस महामारी से लड़ने का हौसला मिला है. आप भी देखिए:

दादा-पोती के बीच लेटर्स के ज़रिए हुई इन बातों को पढ़कर किसी भी आंखें नम हो जाएंगी.

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