भारत में लॉकडाउन के बाद आज से 'अनलॉक 1' की शुरुआत हो गई है. इसके साथ ही देश के लिए कोरोना महामारी को लेकर एक बुरी ख़बर भी सामने आई है.   

दरअसल, कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव के बीच दुनिया के 10 सबसे अधिक प्रभावित देशों में से 7 ने टोटल लॉकडाउन की घोषणा की थी. इन 7 देशों में से भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां लॉकडाउन के बावजूद कोरोना के नए मामले बढ़ रहे हैं.  

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कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित इन 7 देशों में से भारत ही एकमात्र ऐसा देश है, जहां नए कोरोना संक्रमितों की संख्या का ग्राफ़ लगातार बढ़ रहा है. लॉकडाउन के 2 महीने बाद इटली, फ़्रांस और जर्मनी में रोजाना नए मामलों की संख्या में पहले की तुलना में कमी आई है, लेकिन इन 7 देशों में 2 महीने के बाद भारत में कोरोना से सबसे अधिक मौतें हो रही हैं. 

भारत के मुक़ाबले लॉकडाउन में इन देशों ने कोरोना संक्रमण के प्रभाव को काफ़ी हद तक रोक लिया है. इसीलिए अब इन देशों ने धीरे-धीरे लॉकडाउन खोलने के लिए प्रतिबंधों में ढील देनी शुरू कर दी है. भारत ने भी इसी तर्ज पर 1 जून से लॉकडाउन खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन कोरोना के बढ़ते मामले भारत के लिए चुनौती बन गई है. 

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बता दें कि कोरोना से प्रभावित टॉप 7 देशों में से भारत एकमात्र ऐसा देश था जिसने सबसे कम कोरोना संक्रमित (536) मिलने पर लॉकडाउन घोषित कर दिया था. भारत सरकार को इस कदम के लिए WHO से तारीफ़ें भी मिली थी. कोरोना से निपटने के लिए भारत की तैयारियों को लेकर 'ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी' ने 100 में से 100 पॉइंट्स भी दिए थे. 

चलिए जानते हैं इन सभी देशों में लॉकडाउन लगने के पहले और लॉकडाउन लगने के 2 महीने बाद नए संक्रमितों की संख्या में क्या बदलाव आया?, कहां लॉकडाउन सफ़ल रहा?, कौन देश महामारी के प्रभाव को रोकने में कामयाब रहा? कौन इस मोर्चों में नाकाम रहा?  

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जर्मनी, इटली और फ्रांस में लॉकडाउन के नतीजे सबसे अच्छे रहे, भारत में हालात सबसे बुरे  

1. जर्मनी, इटली और फ्रांस में लॉकडाउन के 2 महीने बाद नए मामलों की संख्या पहले के मुक़ाबले कम हो चुकी है. जर्मनी इस रेस में सबसे आगे है. जर्मनी में लॉकडाउन के पहले की तुलना में 2 महीने बाद 9 गुना कम मामले आ रहे हैं. इसी तरह फ़्रांस में नए मामलों की संख्या लगभग आधी हो गई है. वहीं इटली में भी डेढ़ गुना मामले काम हुए हैं. 

2. स्पेन और ब्रिटेन में लॉकडाउन के 2 महीने बाद नए मरीज़ों की संख्या लॉकडान के पहले मिल रहे मरीजों की संख्या से तो अधिक है, लेकिन 1 महीने पहले की तुलना में 3 गुना से लेकर 2 गुना तक की कमी हुई है. 

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3. रूस में लॉकडाउन के बाद लगातार मामले बढ़े हैं. 2 महीने बाद यहां हर दिन 8000 से अधिक नए केस सामने आ रहे हैं, जो लॉकडाउन के पहले की तुलना में 45 गुना अधिक हैं, जबकि लॉकडाउन के 1 महीने बाद की तुलना में महज़ सवा गुना अधिक. रूस में 6 से 12 मई के बीच हर दिन 10000 से अधिक केस आ रहे थे, इसकी तुलना में लॉकडाउन के 2 महीने बाद ये मामले घट रहे हैं. 

4. भारत में जब लॉकडाउन लागू हुआ था तब हर दिन औसतन 81 मामले आ रहे थे. लॉकडाउन के 1 महीने बाद ये 21 गुना बढ़ गए. यही नहीं लॉकडाउन के 1 महीने बाद की तुलना में 2 महीने बाद हर दिन मिलने वाले मरीज़ों की संख्या 4 गुना हो गई है. 

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लॉकडाउन के 2 महीने बाद भारत में हो रही 3 गुना अधिक मौतें  

लॉकडाउन के 1 महीने बाद सभी देशों में मौतों की संख्या पहले की तुलना में बढ़ीं, लेकिन 1 महीने बाद की तुलना में 2 महीने बाद हर दिन होने वाली मौतों की संख्या 7 में से 5 देशों में घट गई. लॉकडाउन के 1 महीने बाद की तुलना में 2 महीने बाद फ़्रांस में 6 गुना, जर्मनी, ब्रिटेन और इटली में 5 गुना व स्पेन में 3 गुना मौतें कम हुई हैं. हालांकि, रूस में ये संख्या डेढ़ गुना बढ़ गई, लेकिन भारत में कोरोना से मरने वालों की संख्या 3 गुना बढ़ गई है. 

भारत समेत कोरोना से प्रभावित इन 7 देशों में कब, कैसे और किस तरह लगाया गया लॉकडाउन? 

1. रूस 

रूस में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 414,878 हो गई है, जबकि 4,855 लोगों की मौत भी हुई है. रूस में 27 मार्च को कोरोना संक्रमितों की 1000 के पार हुई थी. 28 मार्च से रूस में लॉकडाउन लगा दिया गया था. इसके बाद जब मामले 2.2 लाख पार हो गए तब राष्ट्रपति पुतिन ने लॉकडाउन प्रतिबंधों में ढील का एलान कर दिया. 12 मई से रूस में सभी सेक्टर में काम दोबारा शुरू करने की परमिशन दी गई. हालांकि, भीड़ इकट्ठे करने वाले कार्यक्रमों पर अब भी प्रतिबंध जारी है. 

2. स्पेन 

स्पेन में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 286,509 है, जबकि यहां 27,127 लोगों की मौत हुई है. स्पेन में 5000 संक्रमित मिलने के बाद ही 14 मार्च से लोगों के घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी गई थी. 11 मई से देश के कई हिस्सों में लॉकडाउन के नियमों में ढील दी गई. इसके बाद आउटडोर कैफ़े, रेस्टोरेंट 50% क्षमता के साथ खुलने लगे. फिलहाल कुछ राहतों के साथ स्पेन में लॉकडाउन 21 जून तक बढ़ने पर विचार किया जा रहा है.

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3. ब्रिटेन 

ब्रिटेन में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 274,762 है, जबकि यहां 38,489 लोगों की मौत हुई है. ब्रिटेन में कोरोना के 6000 मामले आने के बाद 23 मार्च से टोटल लॉकडाउन लगा दिया गया था. 13 मई से ब्रिटेन में लॉकडाउन में छूट मिलनी शुरू हुई इस दौरान ऑफ़िस गार्डन और गोल्फ़ जैसे स्पोर्ट्स सेंटरों को खोल दिया गया. ब्रिटेन में 1 जून से स्कूल भी खोल दिए गए हैं.  

4. इटली 

इटली में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 232,997 हो गई है, जबकि 33,415 मरीज़ अपनी जान गंवा चुके हैं. 22 फ़रवरी को इटली के कुछ शहरों में लॉकडाउन लागू किया गया था. इनके बाद 10 मार्च से पूरे देश में लॉकडाउन लागू कर दिया गया. 4 मई से इटली में लॉकडाउन प्रतिबंधों में ढील दी जाने लगी. इस दौरान रेस्टोरेंट और छोटी दुकानों को खोलने क़रीब 44 लाख लोग काम पर लौटे. इसके बाद 25 मई से इटली में कुछ नियमों के साथ जिम, स्पोर्ट्स सेंटर और स्विमिंग पूल भी खोल दिए गए हैं.  

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5. भारत 

 भारत में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 190,962 हो गई है, जबकि 5,411 मरीज़ अपनी जान गंवा चुके हैं. 3 मार्च को दिल्ली सरकार ने सबसे पहले स्कूलों को बंद करने का ऐलान किया था, जबकि 10 मार्च के बाद कई अन्य राज्यों ने भी स्कूल, कॉलेज बंद करने के आदेश दिए. 15 मार्च से ही धार्मिक स्थलों को बंद करने के आदेश आए. 22 मार्च को एक दिन के लिए पूरे देश में जनता कर्फ्यू लगाया गया. इसके बाद 25 मार्च से पूरे देश में लॉकडाउन घोषित कर दिया गया. 

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6. फ़्रांस 

 फ़्रांस में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 188,882 हो गई है, जबकि 28,802 मरीज़ अपनी जान गंवा चुके हैं. फ़्रांस में 17 मार्च से टोटल लॉकडाउन लागू किया गया था, जबकि 11 मई से यहां दुकानें और स्कूल खोले जाने लगे. जून के पहले सप्ताह से यहां कैफ़े, रेस्टोरेंट और समुद्री किनारों को भी खोल दिया जाएगा. इन 2 महीनों में यहां कोरोना के मामलों कभी आयी और काम लोगों की मौत भी हुई. 

7. जर्मनी 

जर्मनी में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 183,494 है, जबकि यहां 8,605 मरीज़ अपनी जान गंवा चुके हैं. 10 मार्च को जर्मनी के कई राज्यों ने 1000 से अधिक लोगों की भीड़ को बैन किया गया था. 16 मार्च से स्कूलों को बंद करने के आदेश दिए गए. 20 मार्च को जर्मनी के सभी राज्यों ने सोशल इवेंट और हर छोटी-बड़ी भीड़ पर पाबंदी लगाई. 23 मार्च से देश में टोटल लॉकडाउन लागू हुआ. 5 मई से यहां लॉकडाउन प्रतिबंधों में ढील दे दी गई है. जर्मनी में दूकान व स्कूल खोल दिए गए हैं. जर्मन में फ़ुटबॉल लीग के मैच भी शुरू हो चुके हैं. 

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अमेरिका, ब्राज़ील में नेशनल लेवल पर लॉकडाउन नहीं लगा 

1. अमेरिका में कोरोना के सबसे अधिक मामले सामने आने के बावजूद यहां राष्ट्रीय स्तर पर लॉकडाउन नहीं लागू किया गया. हालांकि, जब यहां मामले बढ़ने लगे थे तो अलग-अलग प्रांतों के गवर्नरों ने अपने-अपने राज्य में लॉकडाउन लगाना शुरू किया. इस दौरान 19 मार्च से लेकर 3 अप्रैल तक 17 राज्य स्टे एट होम पॉलिसी लागू कर चुके थे. यही कारण रहा कि अमेरिका में 3 अप्रैल के बाद से हर दिन आ रहे नए मामलों की संख्या अब कम हो रही है. अप्रैल के पहले हफ्ते में यहां हर दिन 30 हजार से ज्यादा मामले आ रहे थे, जो अब 20 से 25 हजार के बीच है. 

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2. अमेरिका के बाद ब्राज़ील में कोरोना के सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं. ब्राज़ील के राष्ट्रपति जैर बोलसोनारो लॉकडाउन के ख़िलाफ़ रहे हैं. लेकिन यहां भी अलग-अलग राज्यों ने अपने स्तर पर लॉकडाउन लगा रखा है. 5 मई को सबसे पहले ब्राज़ील के साओ लुईस शहर में लॉकडाउन लगाया गया. इसके बाद देश के 27 में से कई राज्यों ने लॉकडाउन लगाना शुरू किया गया. ब्राज़ील में फिलहाल हर दिन 30000 मामले सामने आ रहे हैं.