दिल्ली हिंसा का डर अब भी लोगों के बीच है. दरअसल ये कभी न भूलने वाला दर्द है. इस हिंसा में 53 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी, जबकि कई लोग घायल हो गए थे. दिल्ली हिंसा की मार अब भी बेघर हुए हज़ारों लोग झेल रहे हैं.

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हिन्दू-मुस्लिम एकता को तार-तार कर कुछ असामाजिक तत्वों ने दिल्ली में हिंसा फैलाई थी, लेकिन वहीं अब कुछ लोग धार्मिक सौहार्द की मिसाल पेश कर रहे हैं.

दिल्ली के द्वारका इलाके की एक मस्जिद के बाहर एक पोस्टर लगाया गया है, जिसमें लिखा है 'हम माफ़ी चाहते हैं, हम आपसे प्यार करते हैं, हम एक हैं, हिन्दू Loves मुस्लिम'- द्वारका के हिन्दू.

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दरअसल, पिछले महीने 28 फ़रवरी को देर रात 2 बजे इस मस्जिद के बाहर कुछ लोगों द्वारा कथित तौर 'जय श्री राम' के नारे लगाए गए थे. इस दौरान मस्जिद परिसर के पास कांच की बोतलें और पत्थर भी पाए गए थे.

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द्वारका सेक्टर-11 की मुख्य सड़क से दूर एक संकरी गली में स्थित इस मस्जिद के आस पास इतना सब कुछ हो जाने के बावजूद अब तक कोई स्ट्रीट लाइट तक नहीं है.

द वायर की रिपोर्ट की मुताबिक़, इस दौरान द्वारका के डीसीपी ने इस तरह की बातों का खंडन किया था, लेकिन जब द वायर ने मस्जिद का दौरा किया तो इस दौरान पुलिस ख़ुद मस्जिद खिड़की के कांच ठीक करवाने में लगी हुई थी जिसे कथित तौर पर पत्थर मारकर तोड़ दिया गया था.

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द वायर से बातचीत में 'शाहजहांनाबाद सोसाइटी' की मैनेजिंग कमिटी के मेंबर इमरान ख़ान और 'मस्जिद सोसाइटी ट्रस्ट' के संयोजक अबरार अहमद ने कहा कि दिल्ली हिंसा के दौरान कुछ अज्ञांत लोगों ने मस्जिद पर 10-12 पत्थर फेंके थे.

अब इस इलाके में रहने वाले हिन्दू समुदाय के लोगों ने सब कुछ भूलकर धार्मिक सौहार्द्र की मिसाल पेश करने की कोशिश की है.