देश की सबसे सुरक्षित जेलों में शुमार तिहाड़ जेल की सुरक्षा व्यवस्था बेहद हाईटेक मानी जाती है. लेकिन कड़ी सुरक्षा के बावजूद एक महिला चकमा देकर जेल में बंद अपने प्रेमी से 4 बार मुलाकात कर चुकी है.  

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दरअसल, ये महिला ख़ुद को एनजीओ कार्यकर्ता बताकर, अपने गैंगस्टर प्रेमी से तिहाड़ जेल में 4 बार मुलाकात कर चुकी है. एनजीओ का सदस्य बताने के कारण जेल प्रशासन ने उसकी रजिस्टर में एंट्री तक नहीं की थी. इस तरह का मामला सामने आने के बाद तिहाड़ जेल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं.  

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इस मामले का खुलासा होते ही अब जेल महानिदेशक ने फौरन उच्चस्तरीय जांच के लिए एक कमेटी बना दी है. तिहाड़ जेल के उप-महानिरीक्षक, राजेश चोपड़ा को कमेटी का प्रमुख बनाया गया है. जांच कमेटी ने इस मामले में पड़ताल भी शुरू कर दी है.  

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ख़बरों के मुताबिक़, ये शातिर महिला खुद को एनजीओ कार्यकर्ता बताकर अपने ब्यॉयफ्रेंड से जेल में एक नहीं, बल्कि चार बार मिल चुकी है. इस दौरान उसने अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ चार बार की मुलाकात में पांच घंटे तक का समय बिताया. जेल में बंद उसके प्रेमी का नाम हेमंत गर्ग बताया जा रहा है. हेमंत हत्या के मामले में तिहाड़ जेल की बैरक नंबर-2 में क़ैद है.  

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बताया जा रहा है कि इस महिला की ड्यौढ़ी स्थित कार्यालय के कर्मचारियों से अच्छी बातचीत है. वो इसी का फ़ायदा उठाकर अपने प्रेमी हेमंत गर्ग से कई बार मुलाकात कर चुकी है. शनिवार के दिन आमतौर पर जेल में क़ैदियों से मुलाकात करना संभव नहीं होता, लेकिन इस महिला ने उस दिन भी अपने प्रेमी से मुलाकातें की हैं.   

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इस बात का ख़ुलासा तब हुआ जब एक दिन तिहाड़ जेल की बैरक नंबर-2 के एक बड़े अधिकारी की नज़र इस महिला पर पड़ी. जब अधिकारी ने इस बारे में पता किया तो कर्मचारियों ने बताया कि महिला के पास अंदर आने की अनुमति है. इस दौरान कर्मचारियों ने अधिकारी को ये भी बताया कि वो पहले भी कई बार जेल आ चुकी है. इसके बाद अधिकारी ने इस संबंध में जेल के रजिस्टर पर महिला से जुड़ी बातें लिखी, जिसके बाद ये मामला जेल मुख्यालय तक पहुंचा.   

मैट्रिमोनियल साइट पर हुई थी दोनों की मुलाक़ात  

ख़बरों के मुताबिक, हेमंत गर्ग और इस महिला की जान-पहचान एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट के ज़रिये हुई थी. हेमंत ने अपनी प्रोफ़ाइल में ख़ुद को तिहाड़ जेल का कर्मचारी बताया था. इसके बाद जब वो पैरोल पर 26 दिन के लिए जेल से बाहर आया, तो महिला से इसकी मुलाकात हुई. इस दौरान दोनों एक दूसरे को चाहने लगे. महिला पहले से ही शादीशुदा और एक बच्चे की मां है.  

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जेल परिसर में स्थित बैंक में खाता भी खुलवाया 

जेल में बंद कैदी हेमंत गर्ग ने अपने संपर्कों का इस्तेमाल कर जेल परिसर में स्थित ‘इंडियन बैंक’ की शाखा में एक खाता भी खुलवाया है. नॉमिनी के तौर पर हेमंत ने इस महिला का ही नाम दिया है. साथ ही उसने बैंक की शाखा में महिला का खाता भी खुलवाया है और नॉमिनी के तौर पर उसने ख़ुद का नाम लिखवाया है.  

बैरक नंबर-2 संवेदनशील क्यों हैं?  

तिहाड़ जेल बैरक नंबर-2 को संवेदनशील कहा जा रहा है क्योंकि वहां छोटा राजन, शहाबुद्दीन, गैंगस्टर नीरज बवानिया, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला जैसे क़ैदी हैं. जेल संख्या-2 की सुरक्षा पर सबसे अधिक ज़ोर दिया जाता है. बावजूद इसके एक महिला का जेल में आसानी से आना-जाना जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान खड़े करता है.