बीते 15 जून को लद्दाख की गलवान घाटी में भारत-चीन के बीच हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान शहीद, जबकि 76 जवान घायल हो गए थे. इस दौरान चीन के भी 40 से अधिक जवान हताहत होने की ख़बर थी.

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न्यूज़ एजेंसी PTI के मुताबिक़, लद्दाख सीमा पर गलवान घाटी में हुई इस हिंसक झड़प के दौरान चीनी सेना ने भारत के 2 मेजर समेत 10 जवानों को बंधक बना लिया था. जिन्हें 3 दिन की बातचीत के बाद रिहा करा लिया गया है. हालांकि, सेना की ओर से इस संबंध में कोई भी आधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया है.

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भारतीय सेना ने गुरुवार को अपने बयान में कहा था कि इस कार्रवाई में हमारा कोई भी सैनिक लापता नहीं है. सेना ने अब तक चीन द्वारा हमारे जवानों को बंधक बनाये जाने संबंधी कोई आधिकारिक बयान भी नहीं दिया है.

सैन्य सूत्रों के मुताबिक़, चीनी सेना द्वारा सोमवार रात किए गए हमले में भारतीय सेना के 76 जवान घायल हो गए थे, जिसमें से 18 गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि 58 मामूली रूप से घायल हुए. 18 जवानों का इलाज लेह के एक अस्पताल में चल रहा है, जबकि 58 अन्य विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं.

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गलवान हिंसक झड़प के बाद से ही भारत और चीनी सेना के अधिकारियों के बीच मेजर जनरल-स्तर की बातचीत जारी है. इस दौरान सैनिकों के बीच हुई ख़ूनी झड़प के साथ ही गलवान घाटी के आसपास के क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने को लेकर बातचीत हुई.

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बता दें कि इससे पहले जुलाई 1962 में चीनी सेना ने भारतीय सैनिकों को बंदी बनाया था. आज से 58 साल पहले 'गलवान घाटी' में हुए युद्ध के दौरान क़रीब 30 भारतीय जवान शहीद हुए थे और दर्जनों जवानों को चीनी सेना ने पकड़ लिया था. जिन्हें बाद में रिहा कराया गया था.