देश का सबसे बड़ा त्यौहार शुरू हो चुका है. पहले चरण का मतदान 11 अप्रैल को हो गया. 6 और चरण बाक़ी हैं. देश के हर कोने में नेता एड़ी-चोटी का ज़ोर लगा रहे हैं.


यज्ञ-हवन, गीत से लेकर छींटाकशी भी जारी है. इन सबके बीच रामपुर से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आज़म ख़ान ने सारी हदें पार करते हुए भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी जया प्रदा के लिए ये कह दिया.

आज़म ख़ान की भद्दी टिप्पणी आप वीडियो में देख सकते हैं, हम उसे शब्दों में लिखना नहीं चाहते. इस टिप्पणी पर अलग-अलग लोगों की प्रतिक्रिया:

वीडियो वायरल होते ही हर तरफ़ आज़म ख़ान पर थू-थू होने लगी. नेशनल कमीशन फ़ॉर वुमन (एनसीडब्लू) ने मामले की संगीनता को देखते हुए आज़म ख़ान को नोटिस भेज दिया.

ANI के ट्वीट के मुताबिक, आज़म ख़ान पर एफ़आईआर दर्ज कर ली गई है.

India TV की रिपोर्ट के मुताबिक आज़म ख़ान ने सफ़ाई देते हुए कहा कि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया है. आज़म ख़ान के शब्दों में,

मैं दिल्ली के एक व्यक्ति के बारे में बोल रहा था जो बीमार था. जिसने कहा था कि वो 150 राइफ़ल्स के साथ आया है और आज़म ख़ान को देखते ही गोली मार देगा. उसके बारे में बात करते हुए मैंने कहा कि लोगों को उसे पहचानने में काफ़ी समय लग गया और बाद में पता चला कि उसने आरएसएस शॉर्ट्स पहन रखी थी.

- आज़म ख़ान

जय प्रदा से इस बारे में पूछा गया. ANI के मुताबिक जय प्रदा ने कहा,

ये पहली बार नहीं है. 2009 में जब मैं कैंडिडेट थी तब उसके बयानों के बाद मुझे किसी का सपोर्ट नहीं मिला था. मैं एक औरत हूं और उसने जो कहा, वो मैं दोबारा नहीं कह सकती. मुझे नहीं पता कि मैंने उसका क्या बिगाड़ा है, जो वो ऐसी बातें कर रहा है.

- जया प्रदा

जया प्रदा का ये भी कहना है कि आज़म ख़ान को चुनाव नहीं लड़ने देना चाहिए.

समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने आज़म ख़ान का पक्ष लेते हुए मामले पर ये बयान दिया.

पहले भी कई बार आज़म ख़ान और जया प्रदा के बीच तीखी बयानबाज़ी हुई है पर इस बार आज़म ख़ान ने काफ़ी नीचे गिर गए. यहीं नहीं, आज़म ख़ान ने रामपुर की जनता के बीच ये भी कह दिया

सब डटे रहो. ये कलेक्टर-फलेक्टर से मत डरियो. ये तनख़इयां हैं और तनख़इयों से नहीं डरते हैं. और देखें कई मायावती जी के फ़ोटो... कैसे बड़े-बड़े अफ़सर रूमाल निकालकर के जूते साफ़ कर रहे हैं. हां, उन्हीं से है गठबंधन. जूते साफ़ कराउंगा... इंशाल्लाह ने चाहा!

- आज़म ख़ान

आज़म ख़ान ने बद्तमीज़ी की सारी हदें पार कर दी पर वो विवादित बयानबाज़ी करने वाले वो अकेले नेता नहीं हैं.


Economic Timesकी रिपोर्ट के अनुसार, योगी आदित्यनाथ के 'अली' 'बजरंगबली' वाले बयान और मायावती के देवबंद में 'मुस्लिमों को एक पार्टी को वोट न देने' वाले के लिए चुनाव आयोग ने मायावती पर 48 घंटों और योगी आदित्यनाथ पर 72 घंटों का बैन लगाया है. इस अंतराल में वो चुनाव प्रचार नहीं कर पाएंगे.


आज़म ख़ान जैसी सोच रखने वाले लोग हमारी संसद का हिस्सा बनने के लायक नहीं हैं. रही बात लोक सभा चुनाव की, तो 23 मई तक हमें बहुत कुछ सुनने को मिलेगा.