अहमदाबाद के एक प्राइवेट स्कूल ने बीते मंगलवार को 5वीं से 10वीं के छात्रों को प्रधानमंत्री मोदी को पोस्टकार्ड लिखकर एक संदेश देने को कहा. पोस्टकार्ड में छात्रों से जो लिखने को कहा गया वो ये है-


'शुभकामनाएं. मैं, भारत का एक नागरिक माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को सीएए (नागरिकता संशोधन क़ानून) के लिए बधाई देन चाहता हूं. मैं और मेरा परिवार इस एक्ट का समर्थन करते हैं.'

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बच्चों के माता-पिता के विरोध के बाद बीते बुधवार को स्कूल मैनेजमेंट ने इस एक्सरसाइज़ को एक 'ग़लतफ़हमी' बताया. इसके बाद सभी परिजनों को पोस्टकार्ड्स लौटाए गये, जिन्हें फाड़ दिया गया.


बीते बुधवार को कई परिजन इस पूरे मामले को लेकर स्कूल के ऑफ़िस में पहुंचे. स्कूल मैनेजमेंट ने छात्रों के माता-पिता से माफ़ी मांगी और उन्हें पोस्टकार्ड लौटाए.

Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक़, ये घटना अहमदाबाद के लिटिल स्टार स्कूल की है.


कुछ परिजनों का कहना है कि बीते मंगलवार को शिक्षकों ने ये संदेश ब्लैकबोर्ड पर लिखा और छात्राओं से उसे पोस्टकार्ड पर कॉपी करने को कहा. अपने घर के पते के साथ छात्रों ये पोस्टकार्ड, 'PMO, South Block Secretariat Building, Raisina Hills, नई दिल्ली' पते पर लिखने को कहा गया.

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एक परिजन ने ये भी बताया कि 10वीं के छात्रों ने जब पोस्टकार्ड न लिखने की बात कही तो उन्हें कहा गया कि पोस्टकार्ड न लिखने पर उन्हें इंटरनल परिक्षाओं में अंक नहीं दिए जायेंगे.

मेरी बेटी 6ठी कक्षा में है. मुझे मंगलवार रात को पता चला कि टीचर ने पूरे क्लास को सीएए के सपोर्ट में शुभकामनाएं देते हुए पीएम मोदी को संदेश देने हैं. मेरी बच्ची को इस पूरे इश्यू के बारे में कोई जानकारी नहीं है. उसे जबरन इसका हिस्सा बनाया गया जो कि ग़लत है.

- एक परिजन

स्कूल के ट्रस्टी और ओनर, जिनेश पारसराम ने Indian Express को बताया कि पूरे मामले को सुलझा लिया गया है. उनका कहना था कि उनकी जानकारी के बिना शिक्षकों ने ये एक्सरसाइज़ करवाई थी.