ज़रा संभल के...

अब बोलने से पहले, तोलना ज़रूर, नहीं तो मज़ाक भी करना भारी पड़ सकता है. दरअसल, मज़ाक-मज़ाक में बोला जाना वाला मुहावरा 'अलीबाग से आया है क्या?' जल्द ही बैन हो सकता है. महाराष्ट्र में रहने वाले अलीबाग के निवासी राजेंद्र ठाकुर ने एक याचिका दायर कर बॉम्बे हाईकोर्ट से इसे बैन करने की मांग की है. उनका कहना है कि ये एक अपमानजनक मुहावरा है, जिसका मतलब 'क्या आप मूर्ख हो?' होता है. इसे आमतौर पर लोगों को 'बेवकूफ' या 'अनुभवहीन' जताने के लिए बोला जाता है. राजेंद्र पूर्व कांग्रेस विधायक मधुकर ठाकुर के बेटे हैं.

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ठाकुर का कहना है कि अलीबाग एक अच्छा और बड़ा पर्यटन स्थल है. यहां पर 27 टूरिस्ट प्लेसेज़ हैं. यहां कई अच्छे स्कूल हैं और इसकी साक्षरता दर भी ज़्यादा है. इसके अलावा यहां पर कई बड़ी हस्तियों का घर भी है, जिनमें शाहरुख़ ख़ान, सचिन तेंदुलकर, रवी शास्त्री, सुनील गावस्कर, बिज़नेसमैन रतन टाटा, अशोक मित्तल, सिंगर अलीशा चिनॉय के बंगले हैं. इन सब ख़ासियतों के बावजूद अलीबाग को अपमानित महसूस कराना सही नहीं है.
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इस याचिका पर सुनवाई मुख्य न्यायाधीश नरेश पाटिल और न्यायमूर्ति एन. एम. जामदार की पीठ दो हफ़्ते बाद शुरू करेगी. याचिका में कहा गया है, अलीबाग, प्राकृतिक सुंदरता के अलावा इतिहास, संस्कृति, उद्योग, पर्यटन, चिकित्सा सुविधाओं और शिक्षा के मामले में भी धनी है. इतना समृद्ध होने के बावजूद भी यहां के लोगों का 'अनपढ़' कहकर मज़ाक उड़ाना बेहद अपमानजनक है. ऐसा वही करते हैं जिनके पास कॉमन सेंस नहीं होता है. जब भी याचिकाकर्ता इस वाक्य को सुनता है तब-तब वो आहत होता है. ये कहावत याचिकाकर्ता पर प्रत्येक बार नकारात्मक प्रभाव भी डालती है.

इस याचिका पर लोगों ने कुछ मज़ेदार प्रतिक्रियाएं दी हैं, जो ट्वीट आप नीचे देख सकते हैं.

ठाकुर ने अदालत से आग्रह करते हुए कहा है, राज्य अधिकारियों को निर्देश दिया जाए कि वे इस कहावत का इस्तेमाल न करें. साथ ही ये भी सुनिश्चित करने को कहा कि जिन फ़िल्मों में या टीवी धारावाहिकों में इस कहावत का इस्तेमाल किया गया है, उन्हें सेंसर बोर्ड सर्टिफ़िकेट न दे.