घर और दफ़्तर को आसानी से संभाल लेती हैं महिलाएं लेकिन हमारा समाज है कि उन्हें न तो वो सम्मान दे पाता है, जिनकी वो हक़दार हैं और न ही महिलाओं को उनके द्वारा किए जा रहे अनपेड वर्क की क़ीमत दी जाती है. समाज में मौजूद इस असमानता को एक बार फिर से उजागर किया बिज़नेस टायकून आनंद महिंद्रा ने.

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महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा अपने कारोबार के साथ ही अपने ट्वीट्स को लेकर भी चर्चा में रहते हैं. इस बार भी उन्होंने एक ऐसा ट्वीट किया, जिसके बारे में जानकर आपके आपका मन उन्हें सैल्यूट करने को करने लगेगा.

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आनंद ने अपने ट्वीट के ज़रिये इस बार समाज में मौजूद Gender Inequality के मुद्दे को बड़े ही चुटकीले अंदाज़ में लोगों तक पहुंचाया है. उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक कार्टून शेयर किया, जो ये बताता है कि आखिर नौकरी करने के बाद भी महिलाएं क्यों पुरुषों के बराबर नहीं पहुंच सकी.

उन्होंने लिखा, 'मैं अपनी एक साल की पोती को बेबी सिट करने में मदद कर रहा हूं और इसके बाद मुझे इस फ़ोटो की असलियत का पता चला. मैं सभी वर्किंग विमेन को सलाम करता हूं. हमें ये समझना चाहिए कि सभी महिलाएं पुरुषों की अपेक्षा कहीं ज़्यादा मेहनत करती हैं.'
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Gender Inequality एक ग्लोबल समस्या है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर की महिलाओं को अनपेड वर्क के लिए पे किया जाए, तो ये एप्पल के एक साल के टर्नओवर का 43 गुणा होगा. अपने देश की बात करें, तो सभी भारतीय महिलाओं का अनपेड वर्क देश की जीडीपी का 3.1 प्रतिशत के बराबर होगा.

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यानी घर संभालना, बच्चों की देखभाल करना और उसके बाद ऑफ़िस में काम करना, ये सब बच्चों का खेल नहीं. अगर हम और आप इसके लिए उन्हें पे नहीं कर सकते, तो कम से कम उनके काम में थोड़ा हाथ बटाने की कोशिश की जा सकती है. है के नहीं?