नये 'मोटर व्हीकल एक्ट' के तहत महंगे चालान की ख़बरें अब आम हो चली हैं. आए दिन हर किसी को इससे जूझना पड़ रहा है. हर दिन कोई न कोई अजीबो-ग़रीब मामला सुनने को मिल रहा है.

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अब एक ऐसा ही मामला गाज़ियाबाद से भी सामने आया है. गाज़ियाबाद के मेरठ रोड इंडस्ट्रियल एरिया निवासी अरुण शर्मा के नाम ट्रैफ़िक पुलिस ने पिछले एक महीने में 15 चालान जारी किये हैं. लेकिन हैरानी वाली बात ये है कि पिछले 1 महीने में अरुण की कार सड़क पर गई ही नहीं.

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अरुण शर्मा का कहना है कि ट्रैफ़िक पुलिस ने मुझे अगस्त महीने के 15 ई चालान भेजे हैं. लेकिन हैरानी इस बात की है कि अगस्त महीने में मैं गाड़ी लेकर घर से बाहर कहीं गया ही नहीं.

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ट्रैफ़िक पुलिस द्वारा बार-बार भेजे जा रहे चालान से परेशान होकर अरुण शर्मा कई दिनों तक दिल्ली और गाज़ियाबाद पुलिस के चक्कर काटते रहे. लेकिन किसी ने भी उनकी नहीं सुनी. पुलिस ने इस मामले में कार्यवाही करने के बजाए उन्हें चालान भरने के आदेश दिए.

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इसके बाद अरुण शर्मा ने ख़ुद ही इसकी जांच पड़ताल शुरु की तो पता चला कि एक युवक उनकी कार की फ़र्जी नंबर प्लेट लगाकर कार चला रहा है. दिलचस्प बात ये थी कि इस फ़र्जी कार का रंग भी उनकी कार जैसा ही था.

इसके बाद अरुण शर्मा ने तुरंत इसकी जानकारी गाज़ियाबाद ट्रैफ़िक पुलिस को दी. आख़िरकार पुलिस ने आरोपी की संभावित लोकेशन अक्षरधाम मंदिर पहुंचकर उसे गिरफ़्तार कर लिया.

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पुलिस ने बताया कि आरोपी शख़्स का नाम सुनील है. चालान व टोल टैक्स से बचने के लिए वो फ़र्जी नंबर प्लेट लगाकर घूम रहा था. फ़र्जी नंबर की गाड़ी से वो बार-बार नियमों का उल्लघंन करने के बावजूद चालान देने से बच रहा था. ये घटना अक्षरधाम मंदिर के आस-पास में कई बार हो चुकी थी. इसी के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ़्तार किया.