ये भी बड़ी बिडंबना है. इस मुश्किल दौर में जो डॉक्टर्स अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की जान बचाने के लिए दिन-रात एक किए हुए हैं. अब वही डॉक्टर्स लोगों से अपनी जान बचाने के लिए भागे फिर रहे हैं.

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बीते बुधवार को इंदौर के टाटपट्टी बाखल इलाक़े में कोरोना संक्रमितों की जांच करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम पर लोगों ने पथराव कर दिया. स्वास्थ्यकर्मी किसी तरह वहां से अपनी जान बचाकर भागे. अब पुलिस ने इस मामले में टाटपट्टी बाखल इलाक़े के कई लोगों के ख़िलाफ़ शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का केस दर्ज किया है.

इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग स्वास्थ्य कर्मियों के पीछे पत्थर लेकर दौड़ रहे हैं और डॉक्टर्स अपनी जान बचाने के लिए भागने की कोशिश कर रहे हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ ये घटना बुधवार दोपहर की बताई जा रही है. दरअसल, इंदौर के सिलावटपुरा इलाक़े में स्वास्थ्य विभाग की टीम एक कोरोना मरीज़ की मौत के बाद यहां लोगों की स्क्रीनिंग के लिए पहुंची हुई थी. इस दौरान जब डॉक्टर्स संदिग्धों की पूछताज़ कर रहे थे तो कुछ लोगों ने उनके साथ बदतमीजी शुरू कर दी. जब डॉक्टर्स वहां से निकलने लगे तो इलाक़े के लोगों ने उन पर पथराव कर दिया.

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स्वास्थ्य विभाग की एक महिलाकर्मी ने पुलिस को बताया कि बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम एक कोरोना पॉज़िटिव को देखने के लिए इस इलाक़े में गए थे. टीम ने जैसे ही उसके बारे में पूछना शुरू किया तो सामने से कुछ उपद्रवियों ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया. टीम कुछ समझ पाती इसके पहले ही चेहरे पर रुमाल बांधकर कई लोग आ गए और चिल्लाते हुए पत्थर मारने लगे. इससे बचने के लिए डॉक्टर के साथ ही अन्य पुरुष व महिला स्वास्थ्यकर्मी किसी तरह वहां से जान बचकर अपनी गाड़ियों से सीधे नज़दीकी थाने की ओर भागे.

हैदराबाद में भी डॉक्टरों के साथ की गई बदसलूकी

डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार की एक घटना हैदराबाद से भी सामने आई है. कोरोना मरीज़ की मौत पर परिजनों ने हंगामा कर दिया. इस दौरान मौके पर मौजूद डॉक्टर की पिटाई भी कर दी. मरीज़ का इलाज हैदराबाद के 'गांधी अस्पताल' में चल रहा था, जिसकी बुधवार को इलाज़ के दौरान मौत हो गई थी. मृतक की उम्र 56 साल बताई जा रही है. इस परिवार के 3 सदस्य कोरोना पॉज़िटिव निकले हैं.

डॉक्टर पर हमला करने वाला शख्स भी कोरोना पॉज़िटिव पाया गया है. उसका इलाज भी इसी अस्पताल में चल रहा है. इस मरीज़ ने अपने भाई की मौत पर उस डॉक्टर पर हमला बोल दिया जो कई दिन से उसके इलाज में लगा हुआ था. बाद में उसकी हालत बिगड़ती गई और मौत हो गई. भाई की मौत के बाद यह शख्स गुस्से में डॉक्टर पर हमला बोल बैठा और खिड़की के शीशे भी तोड़ दिए.

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प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री इटेला राजेंदर ने भी इस हमले की निंदा करते हुए दोषियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है. अगर डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ़ लोगों की जान बचाने के लिए ख़ुद को जोखिम में डाल रहे हैं, तो हमारा भी दायित्व बनता है कि हम उनकी हिफ़ाजत करें. किसी भी सूरत में हम ऐसी स्थिति पैदा नहीं होने देंगे. इस तरह की घटनाओं को बिलकुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.