हमारे बीच दो तरह के लोग होते हैं. एक वो जो 1 रुपए भी नहीं छोड़ सकते, जो मॉल्स में हज़ारों के सामान ख़रीदते हैं और ठेलेवालों से मोल-भाव करते हैं.

दूसरे वो, जिनके पास कम होता है लेकिन वो अपनी ईमानदारी नहीं छोड़ते. हैदराबाद के गाचीबौली में भी कुछ ऐसा ही हुआ. यहां एक ऑटोरिक्शा ड्राइवार जे.रामुलू ने 10 लाख रुपए लौटाकार ईमानदारी दिखाई.

रामुलू ने गाचीबौली में दो पैसेंजर्स को ड्रॉप किया था. TOI के अनुसार, उसने देखा कि पैसेंजर्स ने अपना बैग छोड़ दिया है. रामुलू ने बताया,

'मैंने बैग खोला और देखा कि बैग नोटों से भरा है. मैं डर गया. मैं Jubilee Bus Station पहुंच चुका था. मुझे याद आया कि जिन दो पैसेंजर्स को मैंने श्री राम नगर कॉलोनी छोड़ा था, ये उन्हीं का बैग होगा. मैं वापस वहां पहुंचा, जहां वे ऑटो से उतरे थे.'

दोनों पैसेंजर, के.प्रसाद और के.किशोर पुलिस के साथ उसी जगह पर थे. रामुलू ने पुलिस की मौजूदगी में दोनों को कैश वापस किया. के. प्रसाद ने बताया,

'हम सिद्दीपेट में किराने की दुकान चलाते हैं और घर बनवा रहे हैं. उसी के लिए 10 लाख कैश ले जा रहे थे. कुछ दिनों पहले ही मेरे पैर में फ़्रैक्चर हो गया था. ऑटो से उतरते वक़्त मेरे पैर में ज़बरदस्त दर्द हुआ और ध्यान बैग से हट गया.'

रामुलू ने आगे बताया,

'इतने पैसों से मैं आराम से 2 साल गुज़ार सकता था पर मैं वैसी ज़िन्दगी नहीं जीना चाहता था. इसलिए मैंने कैश वापस कर दिया.'

रामुलू रोज़ाना 500 कमाता है और उसकी पत्नी मज़दूरी करती है. उसे 1.5 लाख का लोन चुकाना है लेकिन फिर भी उसने बैग से एक पैसा नहीं लिया.

जब तक रामुलू जैसे लोग दुनिया में रहेंगे, तब तक दुनिया में अच्छाई क़ायम रहेगी.