एक ऐसे समय में जहां आपको चारों तरफ लड़ाई-झगड़े, झूठ, फ़रेब और अमानवीय उदाहरण देखने को मिलेंगे वहीं उस घने अंधेरे में रौशनी लिए कुछ ऐसे भी लोग हैं जो बिना शोर-गुल के इस दुनिया को अच्छी जगह बना रहे हैं.  

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हरविंदर सिंह कोच्चर की कहानी फ़ेसबुक पर मंजिरी प्रभु ने शेयर की है, जिसमें वह हरविंदर को असल ज़िंदगी का संता बताती हैं. मंजिरी अपनी बहन, लीना के साथ हरविंदर के ऑटो में बैठती है और गंतव्य पर पहुंचने पर जब वह पैसे देती है, तब वह हरविंदर के पास एक कुत्ते को पाती है. जो बड़े ही प्यार हरविंदर के साथ बैठा हुआ था.  

कुत्ते का नाम रोन्नी है. हरविंदर का बेटा उस कुत्ते को घर लाया था मगर उसकी देखभाल के लिए घर पर कोई नहीं होता था. ऐसे में उसे अकेला छोड़ने की जगह, हरविंदर अब उसे अपने साथ ऑटो में रखते हैं. जहां-जहां हरविंदर की सवारी वहीं-वही रोन्नी भी साथ जाता है. रोन्नी के लिए ऑटो में ही पर्याप्त मात्रा में खाना और पानी सब है.  

एक बेज़ुबान जानवर के प्रति इतना लगाव देख मंजिरी उन्हें असल ज़िंदगी का संता बताती हैं. मंजिरी लिखती हैं, " यह तस्वीर मुझे ये याद दिलाएगी कि इस दुनिया में कुछ अच्छे जीव भी थे जो अलग तरीक़े से अलग-अलग लोगों के लिए असल ज़िंदगी के संता थे, जो दयालुता का काम लगातार, चुपचाप और बिना शोर किए करते जाते हैं. और जब तक ऐसे लोग दुनिया में हैं, दुनिया में उम्मीद बनी रहेगी..."  

वास्तव में, कुछ लोगों का छोटा सा क़दम इस दुनिया में एक बड़ी रौशनी जला देता है. हरविंदर और ऐसे सभी लोग इस दुनिया को एक अच्छी जगह बनाते हैं.