इस वक़्त देश में लाखों मज़दूर पलायन कर रहे हैं. पैदल, साइकिल, ऑटो से सफ़र के बाद अब श्रमिक ट्रेनों पर सवार हैं. मज़दूरों के पलायन का सिलसिला लगातार जारी है. इन मज़दूरों के क़दम जिन-जिन रास्तों पर पड़ रहे हैं, वहां कि मिट्टी सालों तक इनके दर्द की दास्तां बयां करती रहेगी. एक तरफ़ इन मज़दूरों के सफ़र में दर्द की चीखें हैं तो दूसरी ओर नवजातों की किलकारियां भी गूंज रही हैं. 

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दरअसल, तेलंगाना से विशेष श्रमिक ट्रेन से ओडिशा लौट रही 19 वर्षीय एक महिला ने शुक्रवार को ट्रेन में ही बच्चे को जन्म दिया. ये लड़की लॉकडाउन के कारण तेलंगाना में ही फंस गई थी. 

पूर्वी तटीय रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि ये महिला बोलांगीर की थोडीबहल की रहने वाली है, उसका नाम मीना कुम्भार है. वो तेलंगाना के लिंगमपल्ली से बोलांगीर जाने वाली विशेष ट्रेन में सवार थी. सफ़र के दौरान महिला ने सुबह में दर्द की शिकायत की. 

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रिपोर्ट के मुताबिक़, ओडिशा के टिटलागढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, महिला ने ट्रेन में ही बच्चे को जन्म दिया. जिसके बाद डॉक्टर ने महिला और बच्चे की जांच की. मां और बच्चा दोनों ही स्वस्थ है. उन्हें बोलांगीर जिले के स्वास्थ्यकर्मियों की सलाह पर टिटलागढ़ के अस्पताल में एडमिट कराया गया है. 

सेवा शुरू होने के बाद 37 बच्चों ने ट्रेन में लिया जन्म 

ये पहली बार नहीं है, जब किसी बच्चे का जन्म ट्रेन में हुआ हो. जबसे इस ट्रेन सेवा की शुरुआत हुई है, तब से कुल 37 बच्चों का जन्म ट्रेन में हो चुका है. महज़ ओडिशा में ही श्रमिक ट्रेन में तीन बच्चों का अब तक जन्म हुआ है.