आज इंसान कितना क्रूर हो चुका है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जानवरों का सबसे बड़ा दुश्मन इंसान ही है. बेजुबान जानवरों के साथ आये दिन इंसान की क्रूरता की घटनाएं देखने को मिल ही जाती हैं.

भारत समेत कई देशों में जानवरों वाले सर्कस अब लगभग बंद हो चले हैं. लेकिन कुछ देशों में अब भी जानवरों के साथ कई तरह के सर्कस और एनिमल शो आयोजित किये जाते हैं.

Source: ladbible

हाल ही में थाईलैंड के 'फ़ुकेट चिड़ियाघर' में एक एनिमल शो के दौरान परफ़ॉर्म करते हुए एक बेबी ऐलिफ़ेंट की मौत हो गयी थी. शो के दौरान जब इंस्ट्रकटर ने Dumbo को ट्रिक करने को कहा तो वो अपना नियंत्रण खो बैठा. इस दौरान ये बेबी ऐलिफ़ेंट अपना एक पैर बुरी तरह से घायल कर बैठा. इसके कुछ दिन बाद Dumbo की मौत हो गई.

Phuket News के मुताबिक, Dumbo की मौत इसलिए हुई क्योंकि उससे एक दिन में तीन-तीन बार पर्यटकों के लिए करतब दिखाने का काम लिया गया. करतब के दौरान Dumbo के आगे के दोनों पैर कीचड में धंस गए थे, उनको पीछे खींचने के चक्कर में वो स्लिप हो गया और खुद को घायल कर बैठा.

रिपोर्ट के मुताबिक़ तीन साल का Dumbo चोट लगने के बाद के बाद बेहद कमजोर हो गया था. तीन दिन तक उसे बिना इलाज़ के चिड़ियाघर में ही गया. इस दौरान उसके पूरे शरीर में इंफ़ेक्शन फ़ैल गया था. वो अपने पैरों पर खड़ा भी नहीं हो पा रहा था. जब Dumbo को पशु चिकित्सालय ले जाया गया, इसी दौरान उसकी मौत हो गयी.

दरअसल, Moving Animals नामक संस्था ने फ़ेसबुक के ज़रिये 3 साल के Dumbo को चिड़ियाघर से मुक्त करने के लिए एक कैंपेन भी चलाया था. इस दौरान 220,000 से अधिक लोग इस मुहिम में उनके साथ थे.

डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, थाईलैंड चिड़ियाघर की मेडिकल टीम ने कहा कि Dumbo को आइसोलेशन पेन (अकेलेपन का दुख) में रखा जा रहा था ताकि वो दूसरे जानवरों से दूर रह सके.

फ़ुकेट चिड़ियाघर के प्रबंधक पिचाई शकुनसॉर्न ने कहा कि हमने Dumbo के साथ किसी भी तरह की क्रूरता नहीं दिखाई. वो हमेशा की तरह हमारे चिड़ियाघर के लिए एक मूल्यवान संपत्ति की तरह था.