डॉक्टरों की लापरवाही की कीमत कई बार मरीज़ों को उठानी पड़ती है. ग़लत दवाई देने से लेकर ऑपरेशन के दौरान पेट में कैंची, छुरी आदि छोड़ने तक भारत के डॉक्टरों ने कई कारनामे किए हैं.

दिल्ली स्थित सफ़दरगंज अस्पताल के डॉक्टरों ने लापरवाही की सारी हदें पार कर दीं और एक जीवित शिशु को मृत घोषित कर दिया. शिशु को दफ़नाते वक़्त परिजनों ने उसे जीवित पाया.

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शिशु की मां की हालत नाज़ुक थी, इसीलिए वो अस्पताल में ही थी. शिशु के पिता और अन्य परिजन उसे दफ़नाने गए थे.

नवजात के पिता रोहित ने बताया,

‘डॉकटर और नर्सिंग स्टाफ़ ने बताया कि मेरे बच्चे की मृत्यु हो गई है और उन्होंने बच्चे के शरीर को बांध के, Seal लगाकर मुझे दफ़नाने के लिए सौंप दिया.’

रोहित की बहन ने उस पैकेट में हलचल देखी और पैकेट खोलने पर शिशु को जीवित पाया गया. PCR बुलाकार बच्चे को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसे सफ़दरजंग रेफ़र कर दिया गया. अभी बच्चे का इलाज सफ़दरजंग में ही चल रहा है.

सफ़दरजंग अस्पताल के अधिकारियों ने इस पूरे मामले के जांच के आदेश दिए हैं.

नवजात का जन्म 22वें हफ़्ते में ही हो गया था. आमतौर पर ऐसे बच्चों की बचने की संभावना कम होती है और उन्हें मृत घोषित करने से पहले कुछ देर तक Under Observation रखा जाता है. डॉक्टरों की इस लापरवाही की जितनी निंदा की जाए, कम है. इस मामले में दोषियों के खिलाफ़ कड़ी कार्यवाई होनी चाहिए.

Source: Scoop Whoop

Feature Image Source: Scroll (Feature image is for representative purpose)