संस्कृत दुनिया की सबसे पुरानी भाषा है. संस्कृत को सभी भाषाओं की जननी माना जाता है. भारत की ये भाषा महान होने के बावजूद कम लोग ही इसे रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में उपयोग करते हैं. कर्नाटक का मत्तूरु गांव भारत का इकलौता ऐसा गांव है, जहां लोग आज भी संस्कृत में बात करते हैं.

हम लोगों ने सिर्फ़ 8वीं क्लास तक ही संस्कृत को पढ़ा है. "पठति: पठत: पठंति" के अलावा कहां किसी को कुछ याद है. संस्कृत उन भाषाओं में से है, जो काफ़ी कठिन है. इसलिए इस भाषा का इस्तेमाल करने वाले लोग भी भारत में न के बराबर ही हैं.

हाल ही में सोशल मीडिया पर शेयर हुआ कैब ड्राइवर का वीडियो, जिसमें वो संस्कृत में बात कर रहा है, काफ़ी सुकून देने वाला है. उसकी वो बातचीत सुनने में बेहद अच्छी लगती है. पैसेंजर और ड्राइवर फ़्लूएंट संस्कृत बोल कर सबका दिल जीत रहे हैं. लोगों को वीडियो काफ़ी पसंद आ रहा है. साथ ही इसे सोशल मीडिया पर भी काफ़ी शेयर किया जा रहा है.

बेंगलुरु की 45 सेकेंड की इस वीडियो को एक ट्विटर यूज़र, गिरीष भारद्वाज ने शेयर किया है. वीडियो में पैसेंजर कैब ड्राइवर से पूछ रहे हैं कि "तुम्हारा नाम क्या है?" . कैब ड्राइवर ने अपना नाम मलप्पा बताया. फिर पैसेंजर पूछते हैं कि "तुम संस्कृत कब से जानते हो?" इसका कैब ड्राइवर ने रिप्लाई किया कि जब वो छोटा था, तब उसने राजा राजस्व शहर नाम के मेडिटेशन हाउस से संस्कृत सीखी थी.

इसके बाद पैसेंजर ने पूछा कि "क्या तुम संस्कृत के अलावा किसी और भाषा में भी बात कर सकते हो?" इस पर कैब ड्राइवर ने कहा कि "उसे संस्कृत ही बोलनी आती है". वो पिछले 10 सालों से संस्कृत बोल रहा है. फिर पैसेंजर ने पूछा कि क्या संस्कृत आसान भाषा है? जिसका ड्राइवर ने जवाब दिया कि "मुझे संस्कृत बहुत आसान लगती है." आखरी में पैसेंजर ने ड्राइवर से पूछा कि उसने कितनी संस्कृत की किताबें पढ़ी हैं. जिसका जवाब देते हुए ड्राइवर ने कहा कि उसने "उपनिषद् , श्रीमद्भगवद्गीता और धर्मग्रंथ" पढ़े हैं.

लोगों ने वीडियो को सोशल मीडिया पर कुछ इस तरह प्यार दिया....