देशभर में कई शहरों का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ख़तरनाकर स्तर तक पहुंच गया है. ऐसे में हवा और ज़हरीली न हो, इसके लिए कई राज्य सरकारों ने दिवाली के पहले पटाखे बैन कर दिए हैं. इस फ़ैसले से बहुत से लोगों को निराशा भी हुई है, पर चिंता की कोई बात नहीं है.

Source: twitter

भले ही आप पटाखे दगा न सकें, लेकिन खा ज़रूर पाएंगे. जी हां, बेंगलुरु में एक नया चॉकलेट पटाखा आया है, जो पर्यावरण को नुक़सान नहीं पहुंचाएगा. क्योंकि पटाखे के आकार की इस चॉकलेट को दगाना नहीं है, बल्कि खाना है. इन चॉकलेट को रॉकेट, सुतली बॉम्ब और लक्ष्मी पटाखा जैसे नाम दिए गए हैं.  

Source: twitter

दुकान की मालिक प्रिया जैन ने कहा कि, ‘कोरोना महामारी के बाद भी त्यौहारी सीज़न में ग्राहकों का रिस्पॉन्स बेहतरीन रहा है.' इसी के साथ उन्होंने 'पटाखे दगाओ नहीं, खाओ’ का संदेश दिया. 

न्यूज़ एजेंसी ANI के मुताबिक, जैन ने कहा कि ‘बच्चे हो या वयस्क, बिना पटाखे के दिवाली के बारे में नहीं सोच सकते. इसलिए, मैंने पटाखे के आकार में मीठा बनाने का फ़ैसला किया.’ 

बता दें, कर्नाटक सरकार ने राज्य में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था. हालांकि, बाद में ग्रीन पटाखों की बिक्री और उनको दगाने की अनुमति दी गई. वहीं, एनजीटी ने पूरे देश में पटाखे प्रतिबंधित कर दिए थे, लेकिन जिन राज्यों में हवा की गुणवत्ता सही है, वहां पर 2 घंटे ग्रीन पटाखे जलाने की इजाज़त दी गई है.