काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के एक सीनियर दलित प्रोफ़ेसर पर छात्रों ने हमला किया है. Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, प्रोफ़ेसर का आरोप है कि प्रोफ़ेसर फ़िरोज़ का समर्थन करने की वजह से ये हमला हुआ है.

Source: Indian Express
मैं दोपहर को लगभग 12:05 बजे अपने दफ़्तर में बैठा था. कुछ छात्र आ गये और मुझे उठकर जाने को कहा क्योंकि वो फ़ैकल्टी बंद कर रहे थे. मैं अपने एक सहकर्मी के साथ बाहर आ गया. तभी एक बाहर का शख़्स, मनीष मिश्रा छात्र शुभम तिवारी और कुछ अन्य छात्रों के साथ आये और मेरे ख़िलाफ़ नारेबाज़ी करने लगे. उन्होंने मुझे और HoD को चोर कहा. उन्होंने मुझे दौड़ाया और मारा. जान पर ख़तरा देखकर मैं भागा, लगभग आधा किलोमीटर एक अजनबी बाइक वाले ने लिफ़्ट दी और मैं सेन्ट्रल ऑफ़िस पहुंचा. एक छात्र ने मुझ पर ईंट फेंकी पर वो मुझे नहीं लगी

- शांति लाल साल्वी

प्रोफ़ेसर शांति लाल ने प्रोक्टर को लिखी चिट्ठी में ये लिखा है.


विश्वविद्यालय के अधिकारी ने जानकारी दी है कि लंका थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है.

Source: Indian Express

Times of India की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, प्रोफ़ेसर फ़िरोज़ ने संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय से इस्तीफ़ा दे दिया है और अब वो आर्ट्स फ़ैकल्टी में पढ़ाएंगे.