आमतौर पर शादी से पहले किसी भी लड़के की सैलरी, हाइट और घर-कार है या नहीं देखा जाता है. वहीं लड़कियों का रंग, नौकरी और बाप की दौलत. सुनने में बुरा लग रहा होगा पर आज भी देश के ज़्यादातर अरेंज मैरेज का यही क़िस्सा है.


गुजरात की राजधानी गांधीनगर में शादियां होने का क्राइटेरिया थोड़ा अलग है.

Piyaj गांव के लोग शादी से पहले दूल्हे, दूल्हे के पिता और अन्य परिवारवालों का Breathalyzer Test करते हैं. ये टेस्ट शादी तय होने से पहले, सगाई से पहले और शादी से पहले भी किया जाता है.


लड़की के परिवार से 25 लोगों को लड़के और लड़केवाले का Breathanalyser Test करने के लिए नियुक्त किया जाता है.

Source: Andrew Alpert

अगर लड़का इस टेस्ट में फ़ेल हो जाता है तो शादी तत्कालीन प्रभाव से कैंसल कर दी जाती है. यही नहीं लड़केवालों को जुर्माने के रूप में 1 लाख भी देने होते हैं.


4 साल पहले शराब पीने से 15 लोगों की मौत हो गई थी और तब से ये अनोखा टेस्ट शुरू किया गया.

Source: News18

गांव के सरपंच के शब्दों में,

'हमने ऐसे कई केस देखे हैं जब किसी महिला की ज़िन्दगी शराबी पति द्वारा मार-पीट की वजह से तबाह हो गई. इसीलिए गांव के बुज़ुर्गों ने मिलकर शादी से पहले दूल्हे का पूरा बैकग्राउंड चेक करना तय किया.'

इस तरीके की वजह से गांव में शराबियों की संख्या कम हुई. लोगों ने अविवाहित रह जाने के डर से शराब छोड़ दी.