उत्तराखंड पुलिस ने देवप्रयाग और टिहरी ज़िलों में एक बहुत ही नेक पहल की शुरुआत की है.

New Indian Express की एक रिपोर्ट के अनुसार, 'भुली कन्यादान स्कीम' के तहत अपनी शादी में शराब वितरण का विरोध करने वाली दुल्हनों को नकद इनाम देने की घोषणा की है. ये पैसे पुलिस स्टेशन के स्टाफ़ अपनी सैलरी से देंगे.   

Source: The Conversation

ग्रामीण इलाकों में शराब मुक्ति के तहत ये पहल शुरू की गई है. देवभूमि संवाद की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, शादी समारोह में शराब का चलन बढ़ता जा रहा है. देवप्रयाग पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी, महिपाल सिंह रावत ने बताया कि थाना क्षेत्र के 101 गांवों में इस मुहीम की शुरुआत होगी.

रावत ने बताया कि शादियों में शराब पार्टियों का प्रचलन तेज़ी से बढ़ रहा है और ये एक सामाजिक बुराई है. शादियों में वधू पक्ष भी कॉकटेल पार्टी आयोजित करते हैं. कई बार न चाहते हुए भी ऐसा करना पड़ता है और सामाजिक दबाव के आगे लड़कियां या वधू पक्ष कुछ नहीं कह पाता.  

रावत ने ये भी बताया कि इस सिलसिले में देवप्रयाग थाना क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की बैठक हुई थी, जिसमें मौजूद ग्राम प्रधानों ने पहल का स्वागत किया. बैठक में मौजूद भदनी गांव के ग्राम प्रधान, मुकेश सिंह बेडवाल ने देवप्रयाग पुलिस की तारीफ़ की और कहा कि दुल्हनों के क्लेम की पुष्टि प्रधान करेंगे. इसके अलावा गांव के फ़ंड से वधू और उसके परिवार को अलग इनाम दिया जाएगा.  

Source: ED Times

The Times of India की एक रिपोर्ट के अनुसार, रावत ने ये भी बताया कि लोगों की शराब की लत छुड़वाने के लिए पहले भी कई क़दम उठाए गए लेकिन उनका ख़ास असर नहीं हुआ. इसके बाद पुलिस ने सोचा कि अगर महिलाएं सामाजिक बुराई के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाएंगी तो सकारात्मक प्रभाव दिख सकते हैं. रावत ने ये भी बताया कि शराब की वजह से इलाके में लड़ाई-झगड़े, घरेलू हिंसा के मामले भी बढ़ने लगे थे.


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