शादी सिर्फ़ एक रात का समारोह नहीं होती, बल्कि जीवन के हर सुख-दुख में साथ निभाने का विश्वास होती है. मेरे अलावा मेरा भी कोई है, इस बात का अहसास होती है. मगर इस पवित्र बंधन में बंधने से पहले ही अगर कोई हादसा हो जाए, जिससे ताउम्र अकेले ज़िंदगी बसर करने का मन में डर बैठ जाए, तब क्या होगा?

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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक दुल्हन के साथ कुछ ऐसा ही हादसा हो गया. शादी के महज़ कुछ घंटे पहले ही आरती छत से गिर गई. हादसे में उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई और दोनों पैरों की ताकत भी चली गई. 

आरती की हालत को लेकर डॉक्टरों ने बताया है कि फ़िलहाल वो कुछ भी करने में अक्षम है. कई महीने बिस्तर से नहीं हिल सकती है. उसकी रीढ़ की हड्डी में चोट आई है, इसलिए उसके पैर हिलडुल नहीं पा रहे हैं. 

छोटी बेटी से दिया शादी का प्रस्ताव

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इस हादसे की जानकारी जब दूल्हे अवधेश और उसके घर वालों को हुई, तो वो फ़ौरन अस्पताल पहुंच गए. हॉस्पिटल के बिस्तर पर लेटे हुए आरती की आंखों में एक ओर जहां चोट के दर्द के आंसू थे, वहीं दूसरी तरफ़ अपनी शादी टूटने का डर बसा था.

लड़की के परिजन घबराए हुए थे. उन्हें फ़िक्र थी कि ये रिश्ता टूट जाएगा, इसलिए उन्होंने अपनी छोटी बेटी से शादी करने का प्रस्ताव रख दिया. लेकिन अवधेश ने जो किया, वो शायद ही कोई सोच सकता हो. 

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अवधेश ने लड़की वालों के प्रस्ताव को सिरे से ठुकरा दिया और आरती से ही शादी करने का फ़ैसला किया. दोनों ने अस्पताल में ही एक-दूसरे से शादी की. ये शायद पहली ऐसी शादी है, जिसमें ज़िंदगी भर हर हालत में साथ देने की क़सम बाद में खाई गई होगी और उसे निभाया पहले ही जा चुका होगा. 

"इस मुश्किल घड़ी में साथ नहीं छोड़ सकता"

अवधेश ने कहा कि ‘जो कुछ हुआ है, वो तक़दीर में लिखा था. मैंने इस मुश्किल वक़्त में उसका साथ देने का फ़ैसला किया है.’ वहीं, आरती ने कहा, 'शुरुआत में, शादी को लेकर मैं थोड़ा डर गई लेकिन बाद में मेरे पति ने कहा वो हमेशा मेरे साथ रहेंगे चाहे मेरी हालत जैसी भी रहे. मुझे ये जानकर खुशी हुई.'