उत्तराखंड के दो प्रमुख हिल स्टेशंस नैनीताल और भीमताल इन दिनों पर्यटकों से खचाखच भरे हुए हैं. ऐसे में पर्यटकों को यहां होटल, पार्किंग, ट्रैफ़िक और पानी की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है. पार्किंग और पानी जैसी सुविधाएं न मिलने को लेकर पर्यटकों और होटल मालिकों के बीच जमकर झड़पें भी हो रही हैं.

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भीमताल से एक बेहद शर्मिंदगी भरा मामला सामने आया है, जहां होटल मालिक ने दो भाईयों की सिर्फ़ इसलिए पिटाई कर दी क्योंकि वो भोटिया थे और बाकी लोगों से अलग दिख रहे थे. दरअसल, पिथौरागढ़ और मुनस्यारी की एक ख़ास जनजाति के लोगों को भोटिया कहा जाता है. होटल मालिक ने अपने कर्मचारियों के साथ मिलकर दोनों भाईयों को इस कदर पीटा कि उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा.

मामला 8 जून का है. मुनस्यारी के रहने वाले शोमित और दिवेश पांगती भीमताल के Sapphire INN होटल में ठहरे हुए थे. दोनों भाईयों को भवाली में अपने एक दोस्त की शादी अटेंड करनी थी. होटल में मेहमानों के लिए कुछ कमरे बुक किये गए थे इसीलिए शोमित और दिवेश वहां ठहरे हुए थे.

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हालांकि कुछ ही देर में शोमित को अपने भाई किसी के साथ झड़प की आवाज़ें सुनाई देने लगीं. उसके बाद जो हुआ, वो शोमित ने अपने फ़ेसबुक पोस्ट में लिखा है.

इसे हम हिंदी में अनुवाद कर यहां लिख रहे हैं:

26 साल के शोमित ने अपने फ़ेसबुक पेज पर एक पोस्ट के ज़रिये जानकारी दी कि-

उनका भाई दिवेश अपने एक दोस्त को होटल के बाहर रिसीव करने गया था. जब वो दोनों वापस आए, तो नशे में धुत होटल मालिक ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी. इस दौरान जब वो बीच-बचाव करने गए, तो उसने उनके साथ भी मारपीट शुरू कर दी.

जब हमने रिसेप्शन से पुलिस को कॉल करने की कोशिश की, तो होटल मालिक ने अपने कुछ दोस्तों को बुला लिया. इसके बाद करीब 7-8 लोगों ने हमें लाठी-डंडों से मारना शुरू कर दिया. उन लोगों ने मुझे इतना मारा कि मेरे दो दांत तक टूट गए. हम दोनों भाई खून से लथपथ थे. इसके बाद किसी तरह से वहां मौजूद लोगों ने हमें हॉस्पिटल पहुंचाया.

इस दौरान शोमित ने कहा कि, होटल में अन्य गेस्ट भी ठहरे हुए थे लेकिन सिर्फ़ उन दोनों भाईयों को ही टारगेट किया गया. होटल मालिक और उनके कर्मचारी उन पर नस्लभेदी टिप्पणी कर रहे थे. वो उन्हें बार-बार 'भोटिया-भोटिया' कह रहे थे. उन दोनों भाईयों को सिर्फ़ इसलिए मारा गया क्योंकि वो 'अन्य लोगों से अलग' दिख रहे थे.

'जब हम रिपोर्ट लिखाने थाने गए, तो पुलिसवालों ने रिपोर्ट लिखने से ही इंकार कर दिया. उल्टा पुलिस ने होटल मालिक के कहने पर हमारे ख़िलाफ़ ही FIR लिख दी. जब मेरे पिता वकील के साथ थाने पहुंचे, तब जाकर पुलिस ने FIR लिखी.'

जब पुलिस पूछताछ के दौरान होटल मालिक से सीसीटीवी फ़ुटेज की मांग की गई, तो उसने एक हफ़्ते से रिकॉर्डिंग नहीं होने की बात कह कर पल्ला झाड़ दिया. दरअसल होटल मालिक ने जांच से बचने के लिए सीसीटीवी फ़ुटेज पहले ही डिलीट कर दी थी.
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इंडिया टाइम्स ने जब होटल मालिक कुंदन सिंह से इस संबंध में बात की तो उनका कहना था कि दोनों भाईयों ने होटल में ख़ूब हंगामा किया. जब उन्हें पीने के लिए गिलास नहीं दिया तो दोनों भाईयों और उनके दोस्तों ने रिसेप्शनिस्ट की पिटाई कर दी. हमने उनसे अनुरोध किया कि वो हंगामा न करें क्योंकि होटल में अन्य परिवार भी ठहरे हुए हैं. बावजूद इसके वो हंगामा करते रहे.

इस घटना से ये तो साफ़ है कि शोमित और उनके भाई के साथ नस्लीय हिंसा हुई और इसमें उन्हें पुलिस का ज़्यादा सपोर्ट नहीं मिला.

भीमताल एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन है और यहां साल भर टूरिस्ट आते हैं. अगर यहां प्रशासन और होटल मालिकों का ऐसा ही रवैया रहा, तो टूरिज़्म इंडस्ट्री पर इसका इसका असर पड़ेगा. इस मामले में शोमित और उनके भाई को न्याय मिलना ज़रूरी है.