देशभर में कोरोना महामारी के चलते जारी लॉकडाउन के कारण दिल्लीवासियों को सालों बाद लंबे समय तक शुद्ध हवा में सांस लेना का मौक़ा मिल रहा है, लेकिन दिल्ली-एनसीआर के लिए आने वाला समय बेहद कठिन होने वाला है.

Source: cen

दरअसल, पंजाब और हरियाणा में किसानों ने फ़सल काटने के बाद एक बार फिर से पराली जलाना शुरू कर दिया है. हमेशा की तरह दिल्लीवासियों को इस बार भी ज़हरीली हवा में सांस लेने को मजबूर होना पड़ेगा. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी 'नासा' ने सैटेलाइट तस्वीर जारी कर इसकी जानकारी दी है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक़, नासा द्वारा जारी सेटेलाईट तस्वीरों में बताया गया है कि 13 से 16 सितंबर के बीच पंजाब किसानों ने अपने खेतों में लगभग 7 जगहों पर पराली जलाने की शुरुआत कर दी है.

सिस्टम ऑफ़ एयर क्वालिटी एंड वेदर फ़ोरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) के मुताबिक़, 15 सितंबर को दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की संख्या शून्य थी, लेकिन 20 सितंबर को इसकी संख्या 20 हो गई, जबकि 21 सितंबर को पराली जलाने की संख्या 42 हो गई थी.

SAFAR के मुताबिक़, दिल्ली के सीमावर्ती राज्यों में किसानों द्वारा पराली जलाने से तेज आग के कारण गर्म हवाएं चलने लगी हैं. हालांकि, अगले 3 दिनों तक हवाओं के चलने से दिल्ली का AQI मिनिमम रहने वाला है. 23 सितंबर को दिल्ली-एनसीआर का AQI 113 था, जबकि 22 सितंबर को AQI 120 दर्ज किया गया था.

Source: vox

किसानों द्वारा फ़सल जलाने से भारी मात्रा में ज़हरीले प्रदूषक तत्व जैसे मीथेन, कार्बन मोनोऑक्साइड और कार्सिनोजेनिक पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन निकलते हैं. साल 2019 में दिल्ली-एनसीआर में 44 प्रतिशत वायु प्रदूषण पंजाब-हरियाणा में फ़सल जलाने के कारण हुआ था.