बीते रविवार को पंजाब के पटियाला ज़िले में निहंग सिखों ने पुलिस पर हमला कर तलवार से ASI हरजीत सिंह का हाथ काट दिया था. इसके बाद गंभीर रूप से घायल हरजीत को पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया था. क़रीब 7:30 घंटे की लंबी सर्जरी के बाद हरजीत का हाथ जोड़ दिया गया है.  

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इस मामले में पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह ने कहा, ‘मैं डॉक्टरों और सहयोगी स्टाफ़ की पूरी टीम को उनके इस कठिन परिश्रम के लिए धन्यवाद देता हूं और एएसआई हरजीत सिंह के जल्द स्वस्थ्य होने की कामना करता हूं.’  

ASI हरजीत सिंह का ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर रमेश शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि, सर्जरी सफ़ल रही, लेकिन उनके लिए अगले 24 घंटे अहम हैं. हमारी टीम के लिए ये एक कठिन चुनौती थी, क्योंकि तलवार से कटने के बाद हाथ अलग हो गया था. अच्छी बात ये रही कि ASI हरजीत को घटना के तुरंत बाद अस्पताल में भर्ती करा लिया गया था क्योंकि 4 से 5 घंटे के भीतर कटे हुए अंग ही जोड़े जा सकते हैं.   

क्या है असल मामला?

बता दें कि रविवार को कर्फ़्यू के बीच गाड़ियों से यात्रा कर रहे निहंग सिखों के एक ग्रुप से जब पुलिस ने कर्फ़्यू पास मांगे, तो वो वैरियर्स तोड़कर भागने लगे. इस बीच जब पुलिस ने इनका पीछा किया, तो इन लोगों ने पुलिस टीम पर तलवार से हमला कर दिया. इस हमले में पंजाब पुलिस के ASI हरजीत सिंह का हाथ कट गया था. 

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ये घटना पटियाला के बड़ी सब्ज़ी मंडी के पास सनौर रोड पर हुई. इस दौरान पुलिस पर हमला करने वाले 11 आरोपियों को गिरफ़्तार किया गया था. हमला करने वालों के पास से पुलिस को पेट्रोल बम समेत कई धारदार हथियार मिले हैं. पुलिस ने बताया कि 11 में से 5 आरोपी वही हैं जो इस हमले में शामिल थे.  

इस घटना के बाद सीएम अमरिंदर सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसी ने भी कोरोना के चलते 23 मार्च से राज्य में लगाए गए कर्फ़्यू का उल्लंघन किया तो उसके साथ सख़्ती से निपटा जाएगा.  

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इस मामले में वरिष्ठ वकील एचएस फ़ूल्का ने कहा, ‘मैंने पंजाब पुलिस के DGP से दो दिन में चार्जशीट दाख़िल करने और 10 दिनों में मुकदमे की सुनवाई पूरी करने की गुज़ारिश की है. आरोपियों को आजीवन कारावास की सज़ा होनी चाहिए ताकि पूरे देश में एक संदेश भेजा जा सके