डॉक्टर एस. जयचंद्रन, जो चेन्नई में Makkal Maruthuvar (लोगों के डॉक्टर) के नाम से प्रसिद्ध थे, उनका कल शाम निधन हो गया. लोगों से फ़ीस के नाम पर सिर्फ़ पांच रुपये लेने वाले ये डॉक्टर पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे. उनका अंतिम संस्कार आज किया जाएगा.

डॉक्टर एस. जयचंद्रन को अंतिम विदाई देने के लिए उनके निवास स्थान उत्तरी चेन्नई के वाशरमेनपेट में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा है. 73 वर्षीय जयचंद्रन मद्रास मेडिकल कॉलेज से से पास आउट थे. 43 साल के अपने मेडिकल करियर में उन्होंने लगभग फ़्री में लोगों का इलाज़ किया.

वो फ़ीस के नाम पर मात्र 5 रुपये लेते थे और मरीज़ों को दवाईयां भी अपनी जेब से ही ख़रीद कर दे देते थे. उनकी अंतिम विदाई के पोस्टर पूरे इलाके में लगाए गए हैं. Vinoth नाम के एक शख़्स जिनकी जान 7 साल की उम्र में इन्हीं डॉक्टर ने बचाई थी, वो भी यहां पहुचे हैं.

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Vinoth ने द हिंदू को बताया कि ‘बचपन में बेहोशी की हालत में मुझे उनके पास लाया गया था और शाम को मैं चल कर अपने घर गया था. कुछ वर्षों पहले मैं अपनी 6 दिन की बच्ची को उनके पास लेकर आया. वो खून की उल्टियां कर रही थी, उन्होंने उसकी जान भी बचाई थी.’

उनके करीबी दोस्त Ernest Paul ने कहा, ‘जयचंद्रन को उत्तर चेन्नई का होने का गर्व था, वो हमेशा इस क्षेत्र की उन्नति के लिए कुछ न कुछ करते रहते थे. वो कई एनजीओ से भी जुड़े थे और हमेशा युवाओं को प्रोत्साहित करते थे.’

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उनके एक और चाहने वाले M.D. Dayalan ने बताया कि ‘वो अकसर बुजु़र्ग मरीज़ों को ऑटो-रिक्शा में वापस भेजते थे, जो उनके पास पैदल इलाज करावाने आते थे. जिन मरीज़ों के पास चप्पल नहीं होती थी, वो उन्हें फ़ुटवियर ख़रीदने के लिए पैसे भी दे देते थे.’

डॉक्टर जयचंद्रन ने अपने घर पर ही क्लीनिक बनाया था. उनकी पत्नी भी डॉक्टर हैं. वो अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं. आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. उनके घर का नज़ारा देखते हुए ऐसा लग रहा है जैसे पूरा चेन्नई उन्हें नम आंखों से विदा करने आया है.

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डॉ. जयचंद्रन उन डॉक्टर्स के लिए नज़ीर हैं, जो मरीज़ों से फ़ीस के नाम पर मोटी रकम वसूलने से नहीं कतराते. मेडिकल जगत, ख़ास कर चेन्नई के लोगों को उनकी कमी खलेगी.