उत्तर प्रदेश के मुख़्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1 सितंबर को लखनऊ में आयोजित प्रदेश के मेधावी छात्रों के सम्मान समारोह के दौरान कई छात्रों को टेबलेट, मेडल, प्रशस्तिपत्र और 21-21 हज़ार रुपये के चेक दिए थे. इस सम्मान समारोह में कई ज़िलों के मेधावी छात्र सम्मिलित हुए थे.

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इस समारोह में फ़र्रुखाबाद के 11 मेधावी छात्र सम्मानित हुए थे. इनमें से हमीरपुर ज़िले के 6 छात्र भी थे, लेकिन अब इनमें से अधिकतर छात्रों को मिले चेक बाउंस हो गए हैं. मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए चेक बाउंस होने से छात्र हैरान हैं.

छात्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री जी स्वयं इस मामले में संज्ञान लें और लापरवाह अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें.

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2 सितंबर को चेक लगाया, 4 सितंबर को रिटर्न का मैसेज

छात्र दिलीप ने बताया कि 2 सितंबर को उन्होंने इलाहाबाद बैंक की राठ शाखा में चेक लगाया था. 4 सितंबर को बैंक द्वारा मैसेज भेजा गया, जिसमें चेक रिटर्न का हवाला दिया गया था. छात्र ने बताया कि पहले उसके खाते में 21 हज़ार रुपये जमा हुए, फिर उसी दिन वापस हो गए. ऐसी ही शिकायत अन्य मेधावी भी कर रहे हैं. वो चेक लेकर दर-दर भटकने को मजबूर हैं.

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जबकि अंबेडकरनगर नरकसा निवासी प्रद्युम्न वर्मा ने 3 सितंबर को चेक 'बैंक ऑफ़ बड़ौदा' की सेठ गली शाखा में जमा किया था. 9 सितंबर को बैंक के कर्मियों ने उसे बुलाया और चेक बाउंस होने की पर्ची थमा दी. कहा गया कि चेक बाउंस होने के बारे में डीआइओएस दफ़्तर में जाकर पता करवाएं.

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अफ़सरों की चूक से सरकार की किरकरी

एसबीआइ फ़र्रुखाबाद शाखा के मुख्य प्रबंधक गिरीश कुमार स्वामी का कहना है कि चेक पर डीआइओएस के हस्ताक्षर प्रमाणित न होने से चेक बाउंस हुए हैं. बैंक में मौजूदा डीआईओएस के हस्ताक्षर किसी वजह से अपलोड नहीं हो सके होंगे. हस्ताक्षर प्रमाणित होने के बाद ही चेक का भुगतान किया जा सकेगा.

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फ़र्रुखाबाद के ज़िला विद्यालय निरीक्षक डॉ. आदर्श त्रिपाठी का कहना है कि ज़िला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय का खाता स्टेट बैंक फ़तेहगढ़ में खुला है. इसी के चेक मेधावियों को दिए गए थे. चेक के बाउंस होने के बारे में किसी छात्र ने शिकायत भी नहीं की है. बैंक की तरफ़ से ही कोई दिक्कत होगी इसीलिए चेक बाउंस हो रहे हैं.

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इससे पहले मई महीने में 10वीं की परीक्षा में 7वीं रैंक लाने वाले आलोक मिश्रा को भी मुख्यमंत्री योगी ने 1 लाख रुपये का चेक दिया था. 5 जून को छात्र के पिता को बैंक से चेक के बाउंस होने की सूचना मिली थी.