नए मोटर वाहन अधिनियम के लागू होने से ही जनता परेशान है. ट्रैफ़िक नियमों का पालन न करने पर भारी-भरकम ज़ुर्माना जो लगाया जा रहा है. परेशान जनता अक़सर ये कहती है कि नियम क़ानून तो सिर्फ़ आम लोगों के लिए हैं, सरकारी अधिकारी ख़ासकर जो पुलिस विभाग में तैनात हैं, उनको कोई कुछ नहीं कहता. वो सरे आम नियमों की धज्जियां उड़ाते दिखाई देते हैं. लेकिन क़ानून तो सबक लिए समान है.

इसकी एक नज़ीर पेश की है छत्तीसगढ़ ने, जहां सादी वर्दी में ट्रैफ़िक नियमों को तोड़ने वाले 35 पुलिस वालों का चालान काटा गया है.

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ये चालान छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक ही दिन में रायगढ़ ज़िले में काटे हैं. इनसे 40 हज़ार रुपये जु़र्माने के रूप में वसूल किए गए हैं. जिन पुलिवालों का चालान किया गया है, उनमें से अधिकतर सादी वर्दी में दो पहिया वाहन को बिना हेलमेट चालाते पाए गए थे.

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सभी पुलिसवालों से नए नियमों के तहत ही ज़ुर्माने की रकम वसूल की गई है. हालांकि, राज्य में नए मोटर अधिनियम को लागू नहीं किया गया है. राज्य सरकार ने इस पर समीक्षा करने के लिए राज्य के क़ानून विभाग को भेज रखा है. लेकिन राज्य के पुलिस विभाग ने इसे कुछ दिनों पहले अपने कर्मचारियों पर लागू करने की घोषणा की थी.

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रायगढ़ पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने इस बारे में बात करते हुए कहा- 'हमें लोगों के सामने ये उदाहरण पेश करने की ज़रूरत थी कि कोई भी क़ानून का उल्लंघन करेगा तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा. राज्य के पुलिस महानिदेशक ने एक पत्र ज़ारी कर पहले ही पुलिस अधिकारियों को चेतावनी दे थी, कि अगर उन्होंने ट्रैफ़िक रूल्स को तोड़ा तो डबल ज़ुर्माना भरना होगा. इसी के तहत पूरे ज़िले में ये कार्रवाई की गई थी. हमारा उद्देश्य सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करना और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है.'
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ट्रैफ़िक पुलिस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर. के. मिंज ने पुलिस वालों को सादी वर्दी में नियम तोड़ते हुए नोटिस किया था. इन सभी पुलिस वालों के वाहन सीज़ कर दिए गए हैं. अगर वो दोबारा नियमों का उल्लंघन करते हुए पाए जाएंगे तो उनके ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की बात भी कही गई है.

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पुलिस के इस कदम की लोग सराहना भी कर रहे हैं. एक बिज़नैसमैन ने कहा कि अगर पुलिस अधिकारियों पर ये बात लागू होती है, तो जनता के बीच एक मज़बूत संदेश जाएगा.

छत्तीसगढ़ पुलिस से सबक लेते हुए देश के दूसरे राज्यों को भी ऐसी ही पहल करनी चाहिए. इससे समाज में एक सकारात्मक संदेश जाएगा और लोग नियमों का पालन भी करेंगे.