मोदी सरकार के 'कृषि कानून' के विरोध में किसान सड़कों पर उतर आए हैं. इस बीच जब दिल्ली कूच कर रहे हज़ारों किसानों को अंबाला-पटियाला बॉर्डर पर रोका गया तो किसानों ने बैरिकेड उखाड़े फेंके. इस दौरान पुलिस ने उन पर आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. इसके बाद अब पुलिस ने दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर भी सुरक्षा बढ़ा दी है.

इस बीच हरियाणा सरकार ने प्रदर्शनकारी किसानों को रोकने के लिए कई इलाक़ों में धारा 144 भी लगा दी गयी है.

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बता दें कि पंजाब से 'कृषि कानून' का विरोध करने दिल्ली आ रहे हज़ारों किसान आज सुबह से ही करनाल के कर्ण झील क्षेत्र के पास एकत्र थे. इसके बाद दिल्ली की तरफ़ बढ़ रहे किसानों ने हरियाणा-पंजाब के बीच 'शंभू बॉर्डर' पर ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन.

'अंबाला-पटियाला बॉर्डर' पर किसानों और पुलिस में टकराव जारी है. किसानों ने जबरन हरियाणा सीमा में प्रवेश कर लिया है, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया है. किसान अब अपने ट्रैक्टर पर चढ़कर जबरन आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं और लगातार नारेबाज़ी कर रहे हैं. बिगड़ती स्थिति के बीच RAF को बुलाया गया है.  

किसान संगठनों का कहना है कि, अगर उन्हें 'राष्ट्रीय राजधानी' जाते हुए कहीं भी रोका गया, वो वहीं धरने पर बैठ जाएंगे. वहीं हरियाणा में कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियों ने मोदी सरकार पर किसानों की आवाज़ दबाने का आरोप लगाया है.

बता दें कि मोदी सरकार पहले ही साफ़ कर चुकी है कि 'कृषि कानून' को किसी भी क़ीमत पर न तो वापस लिया जाएगा और न ही उसमें कोई फ़ेरबदल किया जाएगा. सरकार का कहना है कि जो कानून बनाया गया है, वो किसानों के हित में है.