भारत एक लोकतांत्रिक देश है, अरे भई, अब ये बात बोल कर बतानी पड़ती है. हमारी सरकार भूल गई है कि वो एक लोकतांत्रिक देश में जनता द्वारा चुनी गई है. यही तो कारण होगा, वरना कैसे कोई लोकतांत्रिक सरकार किसी आम इंसान पर कार्यवाही कर सकती है, जिसने सिर्फ़ लोगों के मनोरजन के लिए एक वीडियो बनाया. 

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भारत एक लोकतांत्रिक देश है, अरे भई, अब ये बात बोल कर बतानी पड़ती है. हमारी सरकार भूल गई है कि वो एक लोकतांत्रिक देश में जनता द्वारा चुनी गई है. यही तो कारण होगा, वरना कैसे कोई लोकतांत्रिक सरकार किसी आम इंसान पर कार्यवाही कर सकती है, जिसने सिर्फ़ लोगों के मनोरजन के लिए एक वीडियो बनाया. 

वैसे तो नरेंद्र मोदी की इस सरकार ने हर आवाज़ को दबाने की कोशिश की है. इस लिस्ट में एक नाम और जोड़ लीजिए. जी हां, इस बार सरकार से सवाल करना और एक कॉमेडी वीडियो बनाना श्याम रंगीला को पड़ गया भारी. श्याम रंगीला वहीं हैं, जो मोदी जी की आवाज़ बहुत सही निकालते हैं.

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दरअसल, ख़बर ये है कि श्याम रंगीला ने पेट्रोल के बढ़े दामों को ले कर एक वीडियो बनाया, जिसमें मोदी जी की आवाज़ में ही बढ़े पेट्रोल के दामों पर तंज कसा गया है. वीडियो के वायरल होते ही राजस्थान के श्रीनगर इलाके में बने पेट्रोल पंप, जहां श्याम रंगीला ने वीडियो बनाई थी, उनकी शिकायत दर्ज करवाई गई है.

शिकायतकर्ता और पेट्रोल पंप के मैनेजर ने कहा है कि श्याम रंगीला ने उन्हें बताया कि वो एक पत्रकार हैं और वीडियो बनाना चाहते हैं.

इन सब के बीच श्याम रंगीला ने ट्वीट करते हुए कहा कि पेट्रोल कंपनी को इस वीडियो से ऐसी क्या तकलीफ़ हो गई, जो पंट्रोल भेजना बंद कर दिया. इतना ही नहीं उन्होंने इसके लिए माफ़ी मांगने की बात भी कही, साथ ही कार्यवाही करने पर भी तंज कस दिया.

ख़बर के वायरल होते ही श्याम रंगीला के सपोर्ट में लोग ट्विटर पर आ गए और खुल कर श्याम का सपोर्ट करने लगे.

मोदी सरकार या पेट्रोल कंपनी को श्याम की कॉमेडी से समस्या है या फिर मोदी जी की आवाज़ में उड़ाए गए मज़ाक से. ख़ैर, कंपनी के इस कदम से एक बात तो साफ़ है कि वो वक़्त दूर नहीं, जब हम बोल कर भी लोगों को नहीं बता पाएंगे कि हमारा देश लोकतांत्रिक देश है. क्योंकि अब सवाल और मज़ाक पर भी लोगों को केस झेलने के लिए ये सरकार मजबूर करने लगी है.