पुलिस की बर्बरता और अभद्रता की ख़बरें हम कई बार सुनते हैं. कभी रिपोर्ट लिखने के लिए घूस मांगते तो कभी निर्दयता से अपनी भड़ास निकालते. बेंगलुरू के एक पुलिस थाने में एक महिला को ए.एस.आई ने थप्पड़ मारा और पुरुष कॉनस्टेबलों ने महिला को धक्का दिया. पुलिस अत्याचार की ये कहानी वैसी नहीं है, जैसी सुनने में लग रही है. 

Bangalore Mirror

क्या हुआ था? 

20 जनवरी को के.एस.लेआउट पुलिस को पुलिस कन्ट्रोल रूम से एक संदेश मिला कि आंध्र प्रदेश के कुछ लोग 18 साल की एक लड़की को अगवा करने वाले हैं. लड़की को जब बचाया गया तो पुलिस को पता चला कि अगवा करने की साज़िश लड़की की मां ही कर रही थी.  


लड़की ने पुलिस को बताया कि उसकी मां के भाई ने उसकी 11 साल में ही शादी करवा दी थी. पति के साथ 6 साल रहने के बाद वो काम की तलाश में आंध्र प्रदेश से भागकर बेंगलुरू आ गई. जब उसके पति और परिवारवालों को उसका पता चला, तो वो उसे ज़बरदस्ती ले जाने की कोशिश करने लगे. 

लड़की दोबारा भागी और के.से.लेआउट पुलिस थाने के नज़दीक ही एक होटल में काम करने लगी. जब उसके रिश्तेदार वहां भी पहुंच गए, तब उसने पुलिस कन्ट्रोल रूम में फ़ोन किया.  

Deccan Herald

थाने में क्या हुआ?

के.एस.लेआउट पुलिस में लड़की मां शोरगुल करने लगी और लड़की को जबरन ले जाने की कोशिश करने लगी. पुलिस स्टेशन में मौजूद एकमात्र महिला पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की. इसी सब झमेले के बीच ए.एस.आई वहां पहुंचे और महिला को थप्पड़ मारा.


इस घटना के बाद ए.एस.आई को निलंबित कर दिया गया. डीसीपी अन्नामलाई ने Bangalore Mirror को बताया,  

‘मुझे इस घटना के बारे में वीडियो देखकर ही पता चला. मैंने इंस्पेक्टर से घटना का कारण पूछा है कि मुझे इस घटना के बारे में क्यों बताया नहीं गया. पुलिस ने उस लड़की को छुड़ाकर बेहतरीन काम किया है पर इस परिस्थिति को और अच्छे से संभालना चाहिए था.’ 

पुलिस एक लड़की की मदद करना चाहती थी, पर हालात काबू से बाहर हो गए.