पुलिस... हमारे देश में लोग चोर-उचक्कों से उतना नहीं डरते जितना पुलिस से डरते हैं. अब इसके कारण भी तो कई सारे हैं. यूपी पुलिस और दिल्ली पुलिस तो ख़ास करके चर्चा का विषय बने ही रहते हैं. हालांकि, कई राज्यों की पुलिस अपनी छवि सुधारने का प्रयास कर रही है, और इसके लिए सोशल मीडिया का सहारा भी ले रही है.

वो कहते हैं न कि हर कोई एक जैसा नहीं होता, ये कहावत इंदौर के पुलिसवाले संजय सांवरे पर सटीक बैठती है.

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Hindustan Times की रिपोर्ट के अनुसार, इंदौर के रहने वाले 40 वर्षीय सांवरे न सिर्फ़ पुलिस की ड्यूटी निभाते हैं, बल्कि ड्यूटी के बाद झुग्गी के बच्चों को भी पढ़ाते हैं. अभी सीएसपी अन्नपू्र्णा में पोस्टेड संजय अपने पैसों से बच्चों को किताबें, कॉपियां, स्कूल बैग आदि भी देते हैं. संजय के साथी भी उनकी मदद करते हैं.

ANI के मुताबिक़ संजय 2016 से ऐसे क्लास ले रहे हैं. सांवरने ने बताया कि वो 'ऑपरेशन स्माइल' के तहत बच्चों को पढ़ाते हैं. 

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यहां 2016 में क्लास शुरू हुई थी. मुझे मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति से प्रेरणा मिली. इस क्लास में लोअर क्लास के बच्चे आते हैं. हमारी कोशिश है कि बचपन में हमें जो झेलना पड़ा वो इन्हें न झेलना पड़े. 'ऑपरेशन स्माइल' नाम से ये हमारी छोटी सी कोशिश है जिसके तहत हम उन बच्चों को शिक्षित करने की कोशिश कर रहे हैं जो स्कूल नहीं जा पाते.

                    - संजय सांवरे

सांवरे ने बताया कि जब उन्होंने क्लास शुरू की थी तब 3-4 बच्चे आते थे, आज 1 से 10 साल की उम्र के 40-50 बच्चे उनके क्लास में आते हैं.

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यहां आने वाले ज़्यादातर बच्चों को उनके परिवारवालों ने कहीं न कहीं काम पर लगा रखा था. हमारी कोशिशों से, शिक्षा का वातावरण बना और हम हर रविवार क्लास लगाने लगे. हमारी क्षमता अनुसार हम उन्हें एजुकेशनल फ़ैसिलिटी देने की कोशिश करते हैं.

                    - संजय सांवरे

सांवरे ने ये भी बताया कि रविवार को 12 से 3 क्लास होती है. अन्य पुलिस वाले भी वॉलंटीयर करते हैं. बच्चों के बीच प्रतियोगिताएं रखी जाती है और इनाम दिया जाता है.