कोरोना वायरस के मामले पूरी दुनिया में तेज़ी से बढ़ रहे हैं. ख़ासतौर से जबसे लॉकडाउन ख़त्म हुआ है, तबसे संक्रमितों की संख्या में तेज़ी से इज़ाफ़ा देखने को मिल रहा है. इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पॉज़िटिव केस बढ़ने के पीछे एक मुख्य वजह धार्मिक आयोजनों को बताया है. उसका कहना है कि बड़े धार्मिक आयोजनों के चलते एक बार फिर कोरोना संक्रमितों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है. 

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रिपोर्ट्स के मुताबिक़, WHO ने लगातार बढ़ रहे कोरोना मामलों पर चिंता जताते हुए कहा, ‘धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन होने की वजह से कोरोना वायरस के मामलों में दोबारा इज़ाफ़ा देखने को मिल रहा है.’

साउथ कोरिया ने ख़ुलासा किया कि वो इस वक़्त कोरोना वायरस की ‘दूसरी लहर’ का सामना कर रहा है. WHO के महामारी विशेषज्ञ Maria Van Kerkhove ने साउथ कोरिया का उदाहरण देते हुए कहा कि, 'ऐसे कई देश हैं जो इंसानों से इंसानों के बीच कोरोना संक्रमण फैलने की दर को कम करने में सफ़ल रहे हैं, लेकिन अब वहां दोबारा केसों की संख्या बढ़ रही है’ 

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इस बीच इस बीच सउदी सरकार ने दूसरे देशों के हज यात्रा में शामिल होने पर रोक लगा दी है. अब सिर्फ़ सीमित संख्या में सउदी में रहने वाले लोगों को ही हज की इजाज़त मिलेगी. ओडिशा में पुरी रथ यात्रा को भी बड़ी पब्लिक गैदरिंग के बिना निकालने की अनुमति दी गई है. वहीं, कोलकाता में 4 महीने बाद दुर्गा पूजा में भारी संख्या में भीड़ जुटने की आशंका है. ऐसे में अगर जल्द ही कोई उपाय नहीं किया गया तो भारी संख्या में भीड़ इकट्ठा हो सकती है. 

धार्मिक आयोजन हो या बड़ी पब्लिक गैदरिंग ये निश्चित तौर पर समस्या खड़ी करेंगे. कोरोना वायरस को मात देने के लिए अब तक जो मेहनत की गई है, वो सब बेकार हो जाएगी. सामान्य स्थिति में लौटने में समय लगेगा और तब तक नियमों का पालन करने और सुरक्षित रहने की ज़रूरत है.