सोच रहे होंगे कि ये राइटर पगला लगाया है. लिखा कुछ था दिखा कुछ रहे हैं.


जनाब ये इटली की तस्वीरें हैं. जी वही इटली जो कई लोगों के ड्रीम डेस्टीनेशन में है. वही इटली जहां न जाने कितनी ही फ़िल्में शूट की गई होंगी. वही इटली जहां की राजधानी रोम के स्वर्णिम इतिहास के बारे में सबने पढ़ा है.

पिछले हफ़्ते इटली के प्रधानमंत्री ने कोरोनावायरस के कारण पूरे देश को बंद कर दिया. न यहां से कोई बाहर जा सकता है और न कोई आ सकता है. संक्रमण का अंदाज़ा इसी से लगाइए कि एक देश पर ताला लगाना पड़ा.


इटली की एक नागरिक ने फ़ेसबुक पोस्ट के ज़रिए दुनिया को आगाह करने का बीड़ा उठाया. क्योंकि इटली के साथ जो हुआ उसे अभी भी बेहद हल्के में लिया जा रहा है.

मैं ये Bergamo, Italy से लिख रही हूं, कोरोनावायरस क्राइसस का दिल. यूएस की मीडिया ने यहां के बद्तर हालातों को ढंग से कवर नहीं किया है. मैं ये पोस्ट लिख रही हूं क्योंकि आप सब, आज, न कोई सरकार, न कोई स्कूल, न कोई मेयर बल्कि हर एक शख़्स के पास मौक़ा है एक्शन लेना और इटली को हक़ीक़त को अपने देश की हक़ीक़त बनने से रोकना. इस वायरस को रोकने का एक ही तरीका है Contagion (संक्रमण) रोकना. एक-दूसरे को छूना रोकने का एक ही तरीका है और वो ये कि लाखों लोग आज ही अपनी आदतों में बदलाव लाएं.

Christina ने आगे लिखा कि यूरोप और अमेरिका के नागरिक इटली बनने से सिर्फ़ हफ़्तों की दूरी पर हैं.

मैं आप लोगों को बोलते सुन रही हूं कि ये बस एक तरह का फ़्लू है. ये सिर्फ़ पहले से बीमार चल रहे बूढ़े लोगों को होता है.

कोरोनावायरस ने इटली जैसे देश को घुटनों पर ला दिया है और Christina ने इसके दो कारण बताये हैं. पहले कि ये फ़्लू बहुत ख़तरनाक है इतना की इंसान को हफ़्तों ICU में रहना पड़े, और दूसरा इसका तेज़ी और बहुत तेज़ी से फैलना. इस वायरस का 2 हफ़्ते का Incubation Period है और कई लोगों में तो इस वायरस के होने के लक्षण भी नहीं दिखते.

जब प्रधानमंत्री Conte ने बीती रात ये घोषित किया कि 60 मिलियन लोग, लॉक डाउन (एक तरह से बंद कर दिया जाएगा), जिस बात ने मुझे हिलाकर रख दिया वो था, 'हमारे पास वक़्त नहीं है.' प्रधानमंत्री का मतलब ये था कि अगर Contagion बंद नहीं किया गया तो पूरा सिस्टम, पूरी इटली गिर जाएगी.

Christina ने आगे लिखा कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि Lombardy में ICU कम पड़ रहे हैं, इतने कि हॉल में ICU यूनिट खोले जा रहे हैं. अगर मरीज़ों की संख्या कम नहीं होती है तो Contagion की रफ़्तार को देखते हुए हफ़्तेभर में मरीज़ों की संख्या हज़ारों होगी जिन्हें देखभाल की ज़रूरत होगी. Christina ने ये सवाल उठाया है कि क्या होगा जब हज़ारों लोगों को ICU की ज़रूरत होगी और ICU ही नहीं होंगे.

बीते सोमवार को एक डॉक्टर ने एक काग़ज़ पर लिखा कि जब मरीज़ एमरजेंसी रूम में आने लगते हैं तब किसे बचाया जाएगा और किसे नहीं वो ये निर्णय लेते हैं, ठीक किसी युद्ध कि तरह. हालात और बद्तर होंगे.

पोस्ट के द्वारा Christina ने एक डरावनी सूरत पेश की जो आने वाले में सच हो सकती है. Christina ने लिखा कि असंख्य DRS, नर्स, मेडिकल स्टाफ़ को भी इस वायरस से संक्रमण हो गया है. वे बिना रुके, कई दिनों तक बिन रुके काम कर रहे हैं. क्या होगा जब वो मरीज़ों की देखभाल करने के लाय़क ही नहीं रहेंगे.


Christina ने कोरोनावायरस को गंभीरता से न लेने वालों के लिए भी लिखा.

जो लोग कह रहे हैं कि ये सिर्फ़ बुज़ुर्गों को होता है, कल से ही अस्पताल के लोग रिपोर्ट दे रहे हैं कि 40, 45, 18 उम्र के लोग भी इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. आपके पास मौका है कुछ अलग करने का और अपने देश में इसे फैलने से रोकने का. पूरे दफ़्तर को वर्क फ़्रॉम होम करने पर मजबूर करें, बर्थ डे पार्टी या फिर कोई भी Gathering कैंसल करें. स्कूलों को बंद करने पर ज़ोर डालिए, अभी. इसे रोकने के लिए जो भी बन पड़े करिए क्योंकि ये आपके समुदाय में फैल रहा है- 2 हफ़्ते का Incubation Period है- अगर आप ये करते हैं तो आप अपने मेडिकल सिस्टम को वक़्त का तोहफ़ा देंगे.

जो लोग कह रहे हैं कि स्कूल बंद करना संभव नहीं है उनके लिए Christina ने बेहद दर्दनाक पर बेहद सटीक बात कही.

हफ़्तेभर पहले किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि इटली को पूरी तरह से बंद करना पड़ेगा.

आपके पास कोई विकल्प नहीं होगा, जो कर सकते हो अभी करो.

Christina के पोस्ट को 87000 से ज़्यादा लोगों ने Like किया है और इसे 386,000 से ज़्यादा शेयर मिल चुके हैं.

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