रास्ते की चट्टान जैसी रूकावटें पर जब हौसले का हथौड़ा पड़ता है, तब मंज़िल ख़ुद-ब-ख़ुद आपके क़दम चूमने को बेताब हो जाती है. रंजीम प्रबल दास इस बात का जीता-जागता उदाहरण हैं. रंजीम उन छह उम्मीदवारों में से एक हैं जिन्होंने JEE-Mains परीक्षा में परफ़ेक्ट 100 स्कोर किया है. ये सफ़लता उन्होंने कोविड-19 पॉज़िटिव होने के बाद भी हासिल की है.

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दरअसल, रंजीम परीक्षा से पहले कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए, लेकिन फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी. उन्होंने बताया कि 'जब मुझे बुखार हुआ, तब बैठना भी मुश्किल हो गया था. सेहत को ध्यान में रखते हुए मैंने उस वक़्त पढ़ाई बंद कर दी. लेकिन जैसे ही बुखार कम हुआ, मैंने वापस से पढ़ाई शुरू कर दी.'

एलन मस्क को फ़ॉलो करने वाले रंजीम का साइंस में काफ़ी इंटरेस्ट है. वो भी इनोवेटिव चीज़ें करना चाहते हैं. उन्होंने बताया कि वो आगे की पढ़ाई पूरी करने के लिए IIT दिल्ली जाने की योजना बना रहे हैं. 

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रंजीम का कहना है, ‘मैं एलन मस्क को फ़ॉलो करता हूं इसलिए IIT दिल्ली जाने की योजना बना रहा हूं. अगर वहां नहीं हो पाया तो IISc बेंगलुरु जाऊंगा.’ दरअसल, IIT दिल्ली दुनिया भर में इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के लिए टॉप 100 संस्थानों में शामिल है.

बता दें, रंजीम के अलावा दिल्ली के प्रवर कटारिया, चंडीगढ़ के गुरमीत सिंह, राजस्थान के साकेत झा, महाराष्ट्र के सिद्धार्थ मुखर्जी और गुजरात के अनंत कृष्ण किदांबी ने भी JEE-Mains परीक्षा में परफ़ेक्ट 100 स्कोर किया है.

गौरतलब है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 23 फरवरी से 26 फरवरी, 2021 तक फ़रवरी सत्र की परीक्षा का आयोजन किया था. ये परीक्षा 331 शहरों में 800 से अधिक केंद्रों पर आयोजित की गई थी, जिसमें भारत के अलावा कोलंबो, दोहा, दुबई, काठमांडू, मस्कट, रियाद, शारजाह, सिंगापुर और कुवैत में भी नौ केंद्र बनाए गए थे.

एनटीए अधिकारियों के अनुसार, कुल 6.52 लाख उम्मीदवारों ने प्रवेश परीक्षा के लिए पंजीकरण किया था, जिनमें से 95 फ़ीसदी बीई/बी.टेक के पेपर में और 81.2 प्रतिशत बी.आर्क/बी.प्लनिंग पेपर में उपस्थित हुए थे.