हम भारतीयों की ज़ुबान चटपटे ज़ायकों को आगे कैसे लपलपाती है, इसे बताने की ज़रूरत नहीं है. हमें बढ़िया तीख़ा-चटपना खाना बनाने और खाने की आदत है. घर पर हों या फिर किसी रेस्टोरेंट में अपन तो बस दाल तड़का, पनीर बटर मसाला और मक्ख़न मार के नान चापना ही पसंद करते हैं. फिर फ़र्क नहीं पड़ता कि हम भारत में हैं या फिर किसी दूसरे देश में. लेकिन कुछ लोगों को हमारा ख़ाना स्वादिष्ट कम और सेहत के लिए ख़तरनाक ज़्यादा लगता है.

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सच में, क्योंकि ऐसा ही कुछ हुआ है. एक नॉन-इंडियन फ़ैमिली ने इसे लेकर बाक़ायदा एतराज़ जताया है कि एक इंडियन फ़ैमिली ने उनके 9 साल के बेटे को बिना उनकी इजाज़त के चिकन करी, दाल और सब्ज़ियां खिला दी. उनकी इस शिकायत पर न सिर्फ़ देसी लोग बल्क़ि विदेशी भी हैरानी जता रहे हैं. सिर्फ़ इतना ही नहीं, लोगों ने अपनी फ़ेवरेट इंडियन डिशेज़ तक बताना शुरू कर दी हैं.

अमेरिकी लेखक और होस्ट पद्मा लक्ष्मी उन लोगों में शामिल थीं, जो उस समय चौंक गईं जब एक गैर-भारतीय परिवार ने अपने बच्चे को भारतीय भोजन खिलाने पर आपत्ति जताई.

दरअसल, उन गैर-भारतीय पिता ने लिखा, ‘मेरा 9 साल का बेटा क्रिस है, जिसका एक नील नाम का दोस्त है. कुछ हफ़्तों पहले हमने सोचा कि क्यों न उसके दोस्त के परिवार को भी अपने परिवार में शामिल किया जाए. नील के माता-पिता दोनों ही डॉक्टर हैं, इसलिए ये एक सुरक्षित निर्णय लगा. माता-पिता दोनों का जन्म और पालन-पोषण भारत में हुआ है. हमने क्रिस को दूसरी रात उनके स्थान पर डिनर करने दिया क्योंकि दोनों लड़के एक साथ अच्छा समय बिता रहे थे. जब हम क्रिस को लेने आए, तो नील की मां ने मुझे बताया कि नील ने आज अच्छे से चिकन करी, दाल और सब्जियाँ खाईं.’

आगे उन्होंने कहा ‘मुझे विश्वास नहीं हो रहा था कि उन्होंने बिना हमसे पूछे मेरे बेटे को मसालेदार खाना खिला दिया. इस बात ने मुझे अचंभे में डाल दिया गया और मैंने फिर उन्हें बताया कि इस तरह का खाना छोटे बच्चों के लिए नुक़सानदायक हो सकता है, लेकिन उन्होंने हमारी बात पर ध्यान नहीं दिया. ये तो शुक्र है क्रिस बीमार नहीं पड़ा. मेरी पत्नी ने बात ख़त्म करने के लिए कहा क्योंकि कोई भी बातचीत नेचर में नस्लीय दिखेगी और साथ ही आगे से दोनों को हमारे ही जगह पर खेलने देंगे. कृपया मदद करें.’

हालांकि, सोशल मीडिया पर लोग भारतीय व्यंजनों को मसालेदार बताने से नाराज़ हो गए और कुछ ने कहा कि सभी भारतीय करी मसालेदार नहीं होती हैं.

इतना ही नहीं, कई विदेशी ट्विटर यूज़र्स ने भी अपने पंसदीदा भारतीय व्यंजनों और उनसे जुड़ी बेहतरीन यादों को शेयर किया.

हालांकि, ये बात सही है कि हर किसी का अपना टेस्ट होता है. ज़रूरी नहीं है कि सभी को भारतीय खाना पसंद आए. लेकिन ये मानना कि सारी इंडियन डिशेज़ मसालेदार ही होती हैं, ये थोड़ा ज़्यादा हो गया. आपको क्या लगता है?