आज कल सोशल मीडिया पर ओडिशा के एक हेडमास्टर की काफ़ी तारीफ़ हो रही हैं. क्योंकि वो छात्रों को डांट और मार कर नहीं, बल्कि नाचते गाते हुए पढ़ाते हैं. मिलिये ओडिशा के प्रभारी हेडमास्टर प्रफुल्ल कुमार पाथी से, जो क्साल में बच्चों को यूनिक तरीके से पढ़ाने के लिये जाने जाते हैं.

सोशल मीडिया पर शेयर किये जा रहे इस वीडियो में प्रफुल्ल कुमार पाथी को क्लासरूम में गाकर पढ़ाते हुए देख सकते हैं. वो चेयर पर बैठ कर नहीं, बल्कि पूरी क्लास में डांस करते हुए छात्रों को पढ़ा रहे हैं. वहीं छात्र भी उनकी क्लास काफ़ी एंजॉय करते हुए दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में बच्चे पढ़ते समय काफ़ी जोश में दिखाई दे रहे हैं. वहीं उनके हेडमास्टर भी ऊर्जा से भरपूर हैं.

56 साल के प्रफुल्ल कुमार कोरापुट ज़िले में लमतापुट अपर प्राइमरी स्कूल में पढाते हैं. अपने इसी अनोखे स्टाइल के लिये वो डांसिंग सर के नाम से भी जाने जाते हैं. डांसिग मास्टर ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, 'मैंने पाया कि टीचिंग को मज़ेदार बनाया जाना चाहिए न कि नीरस. इसलिए मैंने अपने पढ़ाने का तरीका इजाद किया. मैंने पाया कि जब मैंने गीत और नृत्य के माध्यम से पढ़ाना शुरू कर दिया, तब बच्चे ज़्यादा रूचि लेने लगे. इस तरीके के बाद से बच्चे स्कूल आने में ज़्यादा झुकाव दिखा रहे हैं.'

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Source: Prafullu

डांसिग सर स्कूल आने से पहले सभी पाठों (Lessons) को गाने के सिक्वेंस में तब्दील करते हैं. इसके साथ ही उसे पढ़ाने का अभ्यास भी करते हैं. आगे बात करते हुए उन्होंने कहा कि 'जब मैं कक्षा में प्रवेश करता हूं, तो मैं छात्रों को शारीरिक रूप से सक्रिय रखने का प्रयास करता हूं. क्योंकि दिन में भोजन करने के बाद बच्चों में सो जाने की संभावना होती है. छात्रों द्वारा नृत्य ये पता चलता है कि वे कक्षा के घंटों के दौरान सो नहीं रहे हैं.'

इसके साथ उसी स्कूल में कार्यरत एक सहायक शिक्षक संजय पांडा ने बताया कि आमतौर पर बच्चे प्राथमिक शिक्षा पूरे करने से पहले ही स्कूल छोड़ देते थे. या फिर क्लास से गायब रहते थे. पर पढ़ाने के स्टाइल से स्कूल में पढ़ने आने वाले बच्चों की वृद्धि हुई है.