रविवार को अंतरराष्ट्रीय दृष्टि से एक बड़ी घटना हुई. अमेरिका की स्पेशल फ़ोर्स ने दुनिया के नंबर एक आतंकवादी अबू बकर अल बग़दादी को मार गिराया. अमेरिका की स्पेशल फ़ोर्स की प्लानिंग थी कि वो कुख्यात आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट के मुख्यिा अबू बकर अल बग़दादी को जिंदा पकड़ेगी, लेकिन उसने ख़ुद को विस्फ़ोट से उड़ा लिया. इस पूरे कार्यवाई पर नज़र रखने वाली संस्था 'वॉर मॉनीटर' ने रविवार को इसके बारे में जानकारी दी. 

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ब्रिटेन की एक संस्था ने दावा किया कि बग़दादी सीरिया के इदलिब में बारिशा गांव के एक मकान में छिपा हुआ था. सीरिया के एक मानवाधिकार संस्था के अनुसार इस मिशन में आठ हेलीकॉप्टर और लड़ाकू विमान इस्तेमाल किए गए थे. 

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चश्मदीदों के हवाले से ये बात कही जा रही है कि इस मिशन में अल बग़दादी समेत नौ लोगों की मार गिराया गया. यह मिशन आधे घंटे तक चला. बग़दादी सुरंग के रास्ते भाग रहा था, सेना के कुत्ते उसका पीछा कर रहे थे. जब उसे ऐसा लगा कुत्ते उसे पकड़ लेंगे तो उसने कमर बंधे बम से ख़ुद को उड़ा लिया, उसके साथ उसके तीन बच्चे भी थे, उनकी मौत भी हो गई. 

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जब तक इस मिशन की ख़बर मीडिया में नहीं आई थी तब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर कहा. 'अभी-अभी कुछ बहुत बड़ा हुआ है.' हालांकि तब किसी को ये बात समझ नहीं आई कि किस बारे में बात हो रही है. शाम को White House ने आधिकारिक पुष्टी की. 

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ट्रंप ने बताया कि इस मिशन में रूस की ओर से भी मदद की गई और एक भी अमेरिकी जवान को हानी नहीं हुई. 

सीरियाई मीडिया ने इराकी सूत्रों के हवाले से कहा कि अल बग़दादी के ठिकाने की गुप्त सूचना इराक़ ने ही दी थी, जिसके आधार पर अमेरिका द्वारा ये कार्यवाई की गई है. 

बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में कई बार अल बग़दादी के मारे जाने की ख़बर आती रही हैं लेकिन हर बर वो सामने आकर सबको चौंका जाता था.