अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने मंगलवार रात अपने फ़ैन्स और समस्त देशवासियों को जेएनयू के छात्रों के साथ खड़े होकर चौंका दिया. बीते मंगलवार रात दीपिका जेएनयू गईं और वहां छात्रों के साथ खड़ी हुईं.


India Today की रिपोर्ट के अनुसार, दीपिका शाम के 7:45 बजे के आस-पास जेएनयू पहुंचीं, JNUSU अध्यक्ष आइशी घोष और छात्रों से मिलीं और कुछ देर छात्रों के साथ ही खड़ी रहीं.

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आज तक को दिये एक इंटरव्यू में दीपिका ने देशभर में हो रहे अलग-अलग मुद्दों पर विरोध, जामिया, जेएनयू, अलिगढ़ के छात्रों के साथ पुलिस बर्बरता पर दीपिका ने अपनी राय रखी.


'मुझे जो कहना था मैंने 2 साल पहले पद्मावत की रिलीज़ के बाद ही कह दिया था. मैं आज जो देख रही हूं, उससे मुझे तकलीफ़ हो रही है. मैं उम्मीद करती हूं कि ये नया नॉर्मल न बन जाए. कि कोई कुछ भी बोले और निकल जाये. मुझे डर लगता है और मैं दुखी हूं. ये हमारे देश का फ़ाउंडेशन नहीं है.'

दीपिका वहां पर होकर भी कुछ नहीं बोलीं. Hindustan Times की रिपोर्ट के अनुसार, इस वाक़ये पर आइशी घोष ने कहा, 'जब आप ऐसे पोज़िशन पर हों तो आपको बोलना चाहिए. बॉलीवुज में बहुत से लोग अपने व्यूज़ नहीं रखते. उन्हें रोल मॉडल्स माना जाता है. मेरी उनसे अपील है: आप घटनाओं पर इंस्पायरिंग फ़िल्म्स बनाइए पर अगर आप उस पॉज़िशन पर हैं तो उस पर बात भी करें.'

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बीते रविवार को 50-60 नक़ाबपोशों ने जेएनयू में घुसकर छात्रों, शिक्षिकों को बुरी तरह मारा और हॉस्टल्स में तोड़-फोड़ की. छात्रसंघ की प्रेसिडेंट, आइशी घोष और प्रोफ़ेसर सुचारिता सेन की ख़ून से लथ-पथ तस्वीर ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था. बॉलीवुड के कई सितारे, बुद्धिजीवी, नेताओं ने इस अटैक की निंदा की थी.

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दीपिका, दिल्ली में अपनी फ़िल्म छपाक के प्रमोशन के लिए आईं थीं. दीपिका के जेएनयू जाने के लिए सोशल मीडिया पर उनकी पीठ थपथपाई.

दीपिका के जेएनयू पहुंचने की ख़बर पहुंची और ट्रोल्स ने ट्विटर पर #boycottchhapaak ट्रेन्ड करना शुरू कर दिया.