विजय रामलाल धवन नाम के आदमी को दिल्ली पुलिस ने अपनी ही गाड़ी चुराने के आरोप में गिरफ़्तार किया है. उनके नाम से एक Mercedes गाड़ी रजिस्टर्ड थी, जिसके चोरी होने की FIR लिखाई गई थी.  

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Hindustan Times से हुई बातचीत में RAK मार्ग पुलिस स्टेशन के सिनियर इन्सपेक्टर भगवत बंसोद ने बताया कि, धवन को 6 जून को मुंबई कोर्ट में पेश किया गया था और 9 जून तक पुलिस हिरासत में रखने की इजाज़त मिल गई थी. कार भी सीज़ कर लगी गई थी.  

25 मई को धवन ने अपने दो सह-कर्मचारियों, ज़ुल्फ़िक़ार अब्दुल वक़ील अहमद और लाल बहादुर सिंह को कहा कि वो गाड़ी को मुंबई ले कर जाएं, वहां उसके दोस्त को इसकी ज़रूरत है. दोनों 26 मई को मुंबई पहुंच गए और RAK मार्ग स्थित एक लॉज में रुक गए, जिसके बारे में विजय ने उन्हें पहले से बता रखा था.  

अगली सुबह गाड़ी गायब थी, पुलिस को शक हुआ कि गाड़ी को उसको दूसरी चाभी की मदद से चुराई गई है.  

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धवन के कहने पर 27 मई को अहमद और सिंह ने पुलिस में गाड़ी चोरी की शिकायत दर्ज करा दी. RAK मार्ग पुलिस थाने से अज्ञात व्यक्ति के ख़िलाफ़ केस दर्ज कर दिया गया लेकिन पुलिस को दोस्त के लिए दिल्ली से मुंबई गाड़ी भेजने की कहानी पर शक हुआ.  

उन्होंने Mercedes के शोरूम से संपर्क किया, वहां से उनको पता चला कि ख़ास उस मॉडल की गाड़ी सिर्फ़ उसकी चाभी से ही खुल सकती है और विजय ने कुछ दिनों पहले उनसे चाभियों का दूसरा सेट ऑर्डर कर मंगाया था.  

पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए सभी टोल प्लाज़ा के CCTV को खंगालना शुरू किया और 27 मई को धवन को Mercedes को मुंबई से बाहर ले जाते देखा गया. पुलिस की एक टीम दिल्ली के लिए रवाना हुई और 29 मई को विज धवन को गिरफ़्तार कर लिया गया.  

पुलिस का अंदेशा है कि धवन ने अपने ही गाड़ी की चोरी इंश्योरेंस कंपनी से पैसे वसूलने के लिए किया होगा.